भारत-जर्मनी राजनयिक संबंधों के 75 साल, प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज से की बात

New Delhi, 10 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को भारत-जर्मनी राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर संघीय चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से फोन पर बात की. दोनों ने व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और टेक्नोलॉजी के विस्तार पर चर्चा की.

Prime Minister ने आधिकारिक social media प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ आत्मीय और सार्थक बातचीत हुई. India और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर, हमने व्यापार और निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, टैलेंट मोबिलिटी और अन्य अहम क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया.

उन्होंने जर्मनी को यूरोप का अहम स्तंभ बताते हुए आगे कहा कि जर्मनी, यूरोप के साथ India के संबंधों का एक अहम स्तंभ है और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम मिलकर अपने नागरिकों के फायदे के लिए अपनी भविष्योन्मुखी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करते रहेंगे.

2026 में India और जर्मनी के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हुए हैं. जर्मनी यूरोपीय संघ में India के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और India में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं.

India ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी के साथ युद्ध की स्थिति को समाप्त करने वाले शुरुआती देशों में से एक बनकर मार्च 1951 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे. दोनों देशों ने वर्ष 2000 में रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की थी, जिसके अब 25 वर्ष भी पूरे हो चुके हैं. वर्ष 2026 की शुरुआत में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने India का दौरा किया था.

पीएमओ के अनुसार ये दौरा Prime Minister मोदी के निमंत्रण पर संपन्न हुआ था. संघीय चांसलर मर्ज 12-13 जनवरी 2026 को India की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे थे. उनके साथ 23 प्रमुख जर्मन सीईओ और उद्योगपतियों सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था.

चांसलर मर्ज की यह पहली आधिकारिक India यात्रा और संघीय चांसलर के रूप में एशिया की पहली यात्रा थी, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में India को जर्मनी द्वारा दिए जाने वाले उच्च प्राथमिकता को दर्शाती है.

दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और रक्षा क्षेत्रों को नई रफ्तार दी. India और जर्मनी के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर सहमति बनी, जो पारंपरिक क्रेता-विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर सह-विकास और सह-उत्पादन पर आधारित है. जर्मनी यूरोपीय संघ में India का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है. इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, डिजिटल शासन और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

केआर/

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