
New Delhi, 10 फरवरी . पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब पर विपक्ष के नेता लगातार संसद में चर्चा करने की मांग कर रहे हैं. विपक्ष के नेताओं ने भाजपा पर जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है.
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब के कथित सर्कुलेशन की जांच के लिए दिल्ली Police की ओर से First Information Report दर्ज करने पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, “इसके लिए दिल्ली Police को दोष न दें क्योंकि वे ऊपर से मिले ऑर्डर का पालन कर रहे हैं. मैंने पेंगुइन हाउस से एक नोटिफिकेशन देखा. एक पब्लिकेशन हाउस की यही वैल्यू और रुतबा होता है. किताब का एक पेज मैगजीन में पब्लिश हुआ था, जिसका पीडीएफ सभी के लिए उपलब्ध है. Government पूरी तरह से असुरक्षित है.”
सपा नेता राजीव राय ने कहा, “सवाल ये नहीं है कि किताब किसने छापी, किसने बेची, सवाल ये है कि किताब में कौन सी 4 लाइन हैं कि Government उसका नाम भी नहीं सुनना चाहती और उस मुद्दे पर बहस भी नहीं करना चाहती, लेकिन Government इससे बचकर भाग रही है, जो सही नहीं है. अगर Government को लगता है कि कुछ नहीं है तो फिर उसे संसद में जवाब देना चाहिए.”
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा, “दिल्ली Police ने भाजपा के लोगों की वजह से First Information Report दर्ज की है, भाजपा Government केस दर्ज करके इसे मुद्दा बनाना चाहती थी.”
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “जो कोई भी जानता है कि कोई किताब कैसे पब्लिश होती है, जब वह लिखी जाती है, तो उसे रिव्यू के लिए कई लोगों के बीच बांटा जाता है. कई लोग किताब के लिए ब्लर्ब लिखते हैं और उसे रिव्यू के लिए कई जर्नलिस्ट को दिया जाता है और लोग कई दूसरे पब्लिकेशन में भी रिव्यू और हिस्से लिखते हैं.”
उन्होंने कहा कि वैसे भी आज पब्लिकेशन का मतलब फिजिकल नहीं है. पब्लिकेशन का मतलब है कि एक पोस्ट भी एक पब्लिकेशन है. social media प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट एक पब्लिकेशन है या फेसबुक पर एक पब्लिकेशन है. तो वैसे भी, यह इस Government के तहत एजेंसियों का एक और गलत काम है.”
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “कांग्रेस की महिला सांसद और विपक्ष की महिला सांसद बहुत मजबूत हैं. कांग्रेस की महिला सांसद ट्रेजरी बेंच द्वारा भेजे गए लेटर से डरने वाली नहीं हैं.”
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एसएके/एबीएम