
Mumbai , 13 मार्च . Mumbai Police की उत्तरी क्षेत्रीय डिवीजन की साइबर सेल ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 25 वर्षीय एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंट को गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देशभर में कई ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदातों में किया गया.
Police अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर जालसाजों को 300 से अधिक सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं. गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल पुखराज कुलदीप के रूप में हुई है. वह निजी टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल और वीआई के लिए पीओएस एजेंट के तौर पर काम करता था.
जांच में सामने आया है कि कुलदीप ने कई लोगों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी कराए और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया. इन सिम कार्डों के जरिए ठग लोगों को फोन कर विभिन्न तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम देते थे.
Police जांच के दौरान एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ जिसमें साइबर अपराधियों ने कुलदीप की ओर से जारी किए गए एक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का झांसा दिया. ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को डराया और उन्हें कथित जांच के नाम पर ऑनलाइन पूछताछ का नाटक किया. इस दौरान बुज़ुर्ग को बताया गया कि उनका नाम एक गंभीर मामले में सामने आया है और उन्हें तुरंत सहयोग करना होगा, अन्यथा उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.
पीड़ित बुजुर्ग ने डर और दबाव में आकर अलग-अलग खातों में करीब 29 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद में जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने Police में शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद Police साइबर नेटवर्क तक पहुंची और सिम कार्ड के स्रोत का पता लगाते हुए पीओएस एजेंट कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया.
शिकायतकर्ता गोरेगांव निवासी 66 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जो पश्चिमी रेलवे के अकाउंट्स विभाग से रिटायर्ड असिस्टेंट ऑफिसर हैं. Police अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने और सिम कार्ड जारी किए और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं.
Police ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल या ऑनलाइन पूछताछ से डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें.
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एसएके/पीएम