
New Delhi, 12 अगस्त . कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल की कोठरी से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले पर पुडुचेरी की पूर्व उप-Governor और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को जेल प्रशासन की ‘नाकामी’ करार देते हुए दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
किरण बेदी ने से बात करते हुए कहा, “प्रज्वल रेवन्ना एक पूर्व सांसद हैं, जो किसी अपराध की वजह से जेल में हैं. वह चतुर होंगे, और शायद जरूरत से ज्यादा चतुर भी. इसलिए, उन्होंने अपनी चतुराई का इस्तेमाल किया और किसी तरह फोन छिपाकर जेल के अंदर ले गए.”
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जेल में प्रवेश के समय तलाशी किसने ली और उसे मंजूरी किसने दी. किरण बेदी ने कहा, “अब सवाल यह है कि जब उनकी तलाशी ली गई तो तलाशी किसने ली, क्योंकि यह जानकारी कंप्यूटर में मौजूद होती है. तलाशी को मंजूरी किसने दी? क्या कोई सिफारिश थी? क्या रिश्वत का मामला था, या फिर पक्षपात किया गया था?”
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि अगर हर जेल में ऐसा होने लगा तो कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो जाएगा. उन्होंने कहा, “जिस कर्मचारी ने ऐसा किया, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे, क्योंकि अगर हर जेल में ऐसा होने लगे तो सबके पास फोन होंगे, लेकिन जब एक-दो जगह की बात होती है, तो वह चूक कही जाती है. कंप्यूटर सिस्टम और आईटी सिस्टम का यह फायदा है कि यह एक्सपोज हो जाएगा कि किस स्टाफ ने नालायकी की है. जिस स्टाफ ने नालायकी की है, उसकी नौकरी जाएगी और यह कार्रवाई होनी भी चाहिए.”
किरण बेदी ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब जेल में फोन मिला है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं होना सिस्टम की खामी को दर्शाता है. उन्होंने कहा, “ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, क्योंकि अगर ऐसा सभी जगह होता तो हमेशा मोबाइल मिलते. एक ही मोबाइल क्यों मिल रहा है. एक मोबाइल इसलिए मिल रहा है, क्योंकि किसी स्टाफ से एक बार यह गलत काम किया. ड्यूटी चेंज होती है. उस समय जिसकी ड्यूटी थी, वह गई.”
उन्होंने मांग की कि सिर्फ सस्पेंशन से काम नहीं चलेगा. किरण बेदी ने कहा, “स्टाफ को सिर्फ सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, उसे अपनी जॉब छोड़नी पड़ेगी, क्योंकि वह सुरक्षा में खतरा है.”
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एससीएच/डीकेपी