
रायपुर, 4 अक्टूबर . ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हो गया, जीत मिलते ही इसी सिस्टम में नए कपड़े पहनकर शपथ ले लेते हैं और हारते ही ईवीएम खराब.
Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों को लेकर निशाना साधते हुए छत्तीसगढ़ के उप Chief Minister विजय शर्मा ने कहा, “उनकी बातों को समझा जा सकता है. जहां चुनाव जीतते हैं, वहां इसी व्यवस्था में नए कपड़े पहनकर शपथ ग्रहण कर लेते हैं, और जहां हार जाते हैं, वहां कहने लगते हैं कि ईवीएम खराब है, एसआईआर हो गया, चुनाव आयोग ने गड़बड़ी कर दी या कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी कर दी. अपने गिरेबान में झांकने की आदत अब नहीं रही. इसी क्रम में पूरे देश में इस तरह की बातें चल रही हैं.”
छत्तीसगढ़ के उपChief Minister विजय शर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचल होने के कारण व्यावसायिक तौर पर बस संचालन करने वालों को मुनाफा नहीं होता, इसलिए वहां बसों का संचालन नहीं हो पा रहा, लेकिन दूरस्थ गांवों तक भी बस सेवा सुचारू रूप से पहुंचे और लोगों को सुविधा मिले, इसके लिए Chief Minister बस सेवा योजना शुरू की गई है. Chief Minister के नेतृत्व में सरगुजा और बस्तर दोनों क्षेत्रों में यह योजना लागू की गई है.
उन्होंने कहा कि दोनों ही क्षेत्रों में इसके बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं. अंदरूनी इलाकों में जहां पहले कभी बस नहीं जाती थी, अब वहां से यात्री बसों के माध्यम से आ-जा रहे हैं. इसका किराया भी बहुत कम रखा गया है, क्योंकि Chief Minister ने इस पर अनुदान दिया है. बस संचालकों को Government की ओर से टॉप-अप राशि दी जाती है.
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि एक और महत्वपूर्ण विषय आप सबके सामने रखना चाहता हूं. हम जानते हैं कि बस्तर में लंबे समय से नदी किनारे, तालाब किनारे और स्कूल के आसपास आईईडी बिछाकर रखी गई थी. इन आईईडी की चपेट में आने से बस्तर के कई ग्रामीणों के अंग भंग हो गए हैं. ऐसे सभी लोगों की पहचान के लिए पूरे क्षेत्र में ग्राम सभाएं आयोजित कर सूची तैयार की गई है.
उन्होंने कहा कि चाहे आईईडी विस्फोट के कारण या किसी अन्य वजह से जो लोग दिव्यांग हुए हैं, जिन्हें कैलिपर, श्रवण यंत्र या कृत्रिम अंग की आवश्यकता है, उनके लिए 15, 16 और 17 अक्टूबर को जगदलपुर में निःशुल्क शिविर लगाया जा रहा है. यह शिविर ‘सेवा संकल्प महाअभियान’ के तहत आयोजित होगा. जगदलपुर में लगने वाले शिविर में कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर के लोग शामिल होंगे. इसी तरह 15, 16 और 17 अक्टूबर को नवरात्रि के अवसर पर दंतेवाड़ा में भी शिविर लगाया जाएगा.
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के लिए जो पहला कैंप लगाया जा रहा है, उसमें 3000 लोगों का पंजीकरण हो चुका है. आईईडी की चपेट में आने वालों का जो दर्द है, बस्तर में नक्सलवाद का यह जो दंश है, उसे एक झटके में समाप्त करने की कोशिश होगी. सभी लोगों को एक साथ लाकर उनकी दिव्यांगता के प्रभाव से उन्हें मुक्ति दिलाई जाएगी.
उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण के लिए पंजीकरण और ग्राम सभाओं के आयोजन का कार्यक्रम चल रहा है.
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केके/डीकेपी