
Patna, 9 अगस्त . भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश और जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन ने Saturday को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर प्रतिक्रिया दी. इसके अलावा भी कई मुद्दों पर अपनी राय रखी.
पूर्व Union Minister और वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि नीट परीक्षा के पेपर लीक मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों ने जेन जी को गुमराह करने की कोशिश की. धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, “हमारी Government निश्चित रूप से जवाबदेही को बनाए रखती है. हम Jharkhand की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, अभी तक वहां कोई नहीं गया है. जिन लोगों ने जंतर-मंतर के मुद्दे पर Political फायदा उठाने की कोशिश की, यानी अपनी Political रोटियां सेंकीं, वे Jharkhand के मामले में चुप हैं. वे तब भी चुप रहते हैं, जब पंजाब में दलित छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिलती, या जब केरल में चुने जाने के बाद भी उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलते. राहुल गांधी कहां हैं? जंतर-मंतर पर प्रदर्शन विपक्ष और राहुल गांधी द्वारा Politicalरण किया गया था.”
तमिलनाडु के 57 में से 37 सांसदों के Chief Minister विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने पर गुरु प्रकाश ने कहा, “परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है. इस तरह समय-समय पर Lok Sabha और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का विश्लेषण और मूल्यांकन किया जाता है. इसके लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है. इस पर राजनीति करने या संवैधानिक गतिरोध पैदा करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा.”
राहुल गांधी द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने को लेकर गुरु प्रकाश ने कहा, “मैं राहुल गांधी से कहना चाहूंगा कि वे यूपीए के 10 साल के दौरान औसत बेरोजगारी दर का हिसाब लगाएं और उसकी तुलना एनएडीए के समय की दर से करें, सच्चाई बिल्कुल साफ हो जाएगी. आज मुद्रा, स्टार्टअप और स्टैंड-अप जैसी पहलों से युवा सशक्त हो रहे हैं. वे सिर्फ बैंक खाते होने से आगे बढ़कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं. राहुल गांधी की राजनीति, उनके व्यवहार, उनकी सार्वजनिक छवि और उनके चरित्र के बारे में हर कोई अच्छी तरह जानता है.”
धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “अगर हम धर्मेंद्र प्रधान के पूरे Political करियर को देखें, तो जब भी उन्होंने किसी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है, चाहे वह संगठनात्मक जिम्मेदारियां पूरी करने की बात हो या Union Minister के तौर पर काम करने की, उनके द्वारा लिए गए फैसले आज भी प्रासंगिक हैं. इस्तीफा देने से पहले उन्होंने छात्रों की मांगों पर कई बड़े फैसले लिए. एनटीए के कई अधिकारियों का तबादला किया गया, परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी गई और कई लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई.”
Jharkhand में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर राजीव रंजन ने कहा, “राहुल गांधी छात्रों के दुख-दर्द का Politicalरण क्यों कर रहे हैं? विपक्ष के नेताओं को पंजाब या Jharkhand में परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी क्यों नहीं दिखती? एक तरफ, आप दिल्ली के जंतर-मंतर को Political अखाड़ा बनाना चाहते हैं और दूसरी तरफ Jharkhand के छात्रों के प्रति उदासीनता समझ से परे है. ये बात तय है कि Jharkhand के छात्र अपनी मांगों को पूरा कराए बिना कतई नहीं मानेंगे.”
राहुल गांधी के शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद कहते हैं, “लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन फिर Jharkhand और पंजाब में उनकी चुप्पी क्या कहती है? छात्र निश्चित रूप से जानना चाहेंगे. अगर वे ऐसे दोहरे मापदंडों के आधार पर देश का नेतृत्व करने का जनादेश चाहते हैं, तो Jharkhand के छात्र 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और राहुल गांधी अभी तक रांची नहीं पहुंचे हैं.”
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ओपी/वीसी