
दिल्ली, 9 अगस्त . पहलगाम में धर्म पूछकर हमारे निर्दोष नागरिकों पर कायराना आतंकी हमला किया गया था. उसके बाद हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की. हमने Pakistan में बैठे आतंकियों और उनके सरपरस्तों को नेस्तनाबूत किया और दुनिया को यह बताया कि India अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. यह बात Sunday को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कही.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से, हमने दुनिया को बताया, हमारी नारी शक्ति के सिंदूर की रक्षा करने के लिए, हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Sunday को दिल्ली कैंट स्थित सेना के बेस अस्पताल में ये बातें कहीं. यहां एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था.
रक्षामंत्री ने बताया कि इस रक्तदान यात्रा का नाम भी बड़ा अद्भुत, ‘सिंदूर’ महारक्तदान यात्रा है. यह नाम खुद में एक प्रतीक है. राजनाथ सिंह ने कहा, “हम सब जिस अवसर पर एकत्र हुए हैं, वह महा रक्तदान यात्रा का अवसर है. और यह इसलिए खास है, क्योंकि यह मानवता, सहृदयता और राष्ट्रप्रेम से जुड़ा अवसर है. रक्तदान को हम हमेशा से जीवनदान या महादान कहते आए हैं. रक्त का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं हो सकता, किसी प्रयोगशाला में नहीं गढ़ा जा सकता. यह केवल एक स्वस्थ मानव शरीर के भीतर ही बनता है और केवल एक मानव ही इसे दूसरे मानव को दे सकता है. यही बातें रक्तदान को सभी दानों में सर्वोपरि बनाती हैं.
उन्होंने बताया कि सांगली से आए हमारे सैकड़ों वीर खिलाड़ी यहां अपना रक्त देंगे. यह एक सुरक्षा कवच बनकर भविष्य में, जरूरतमंद जवानों और उनके परिवारों के लिए एक विश्वसनीय भंडार के तौर पर रहेगा. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वैसे तो आप सभी एथलीट हैं, आपकी शारीरिक क्षमता आपकी पहचान है. लेकिन आज आपने इस शारीरिक क्षमता से भी बड़ी शक्ति का परिचय दिया है. आज आपने करुणा की शक्ति का परिचय दिया है.
दरअसल, इस आयोजन में एथलीट व अन्य लोग एक हजार यूनिट का विशाल रक्तदान भंडार समर्पित करके जा रहे हैं. यह रक्तदान भारतीय सेना के हर जवान और उनके परिवार के लिए एक विश्वास है कि जब कभी उन्हें जरूरत पड़ेगी, राष्ट्र उनके साथ खड़ा मिलेगा. रक्षामंत्री ने कहा कि इससे बड़ी राष्ट्र-सेवा और क्या हो सकती है.
राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं सभी नागरिकों, विशेषकर युवा साथियों से आग्रह करूंगा, कि हम रक्तदान को एक आयोजन नहीं, एक संस्कृति बनाएं. 2047 में जब India अपनी स्वतंत्रता के सौ वर्ष मनाएगा, तब हमारा सपना केवल एक विकसित अर्थव्यवस्था का नहीं होना चाहिए, हमारा सपना एक ऐसा संवेदनशील समाज भी होना चाहिए, जहां हर कोई स्वस्थ और सुरक्षित हो.”
उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए तो हमारे Prime Minister ने, खेलों इंडिया और फिट के माध्यम से देश को विजन दिया है. हम सभी को, खासकर युवाओं को उनका अनुसरण करना चाहिए. क्योंकि जितना हम फिट रहेंगे, उतना ही हम समाज के लिए एक संपत्ति बनकर भी रहेंगे और तभी हम रक्तदान जैसा पुनीत कार्य भी कर पाएंगे.
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जीसीबी/एएस