
कोलकाता, 9 अगस्त . पश्चिम बंगाल के सभी Governmentी स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों में Sunday को आरजी कर रेप-मर्डर पीड़िता की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. इस दुखद घटना की दूसरी बरसी पर, पीड़िता को श्रद्धांजलि देने के लिए एक दीपक जलाया गया.
यह पहली बार है जब Government के बुलावे पर आरजीकर की पीड़िता को याद किया गया और श्रद्धांजलि दी गई. पिछले साल पिछली तृणमूल कांग्रेस Government ने ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया था.
इससे पहले Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Saturday को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी. Chief Minister ने घोषणा की कि Sunday को सभी Governmentी अस्पतालों में मौन रखा जाएगा.
आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तृणमूल के पूर्व राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन मौजूद थे. वह शुरू से ही आरजीकर आंदोलन में मुखर रहे हैं. पीड़िता के सम्मान में मौन रखने के बाद उन्होंने जांच के बारे में बात की.
उन्होंने इस घटना के मामले में सच्चाई का पता लगाने के लिए कदम उठाने पर Chief Minister को धन्यवाद दिया. उन्होंने मांग की कि बलात्कार-हत्या मामले में सबूत नष्ट करने वालों की भी जांच की जानी चाहिए.
चिकित्सा समुदाय की ओर से भी त्वरित जांच और अस्पताल की सुरक्षा को कड़ा करने की मांग की गई है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
9 अगस्त, 2024 को कोलकाता के आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में एक महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. न्याय की मांग करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने आंदोलन, विरोध प्रदर्शन, रात भर जागकर विरोध, भूख हड़ताल और लगातार जुलूस जैसे कार्यक्रम आयोजित किए.
इस बीच दो वर्षों में बहुत कुछ बदल गया है. जो लोग तब विपक्ष में थे, वे आज सत्ताधारी पार्टी में हैं. पीड़िता की मां को लोगों ने भाजपा विधायक के रूप में चुना है.
पीड़िता की याद में उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है, यहां से पीड़िता की मां विधायक हैं.
लोक संस्कृति भवन में परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में होने वाला यह कार्यक्रम पीड़िता के नाम पर गठित ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित किया जाएगा. Chief Minister सुवेंदु अधिकारी भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे.
डॉक्टर के रेप और मर्डर के मामले में अब तक सिर्फ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. घटना के बाद राज्य Police ने कोलकाता Police के सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था. बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली. उन्होंने इस मामले में किसी नए व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया. संजय के खिलाफ सबूत बने रहे और चार्जशीट दाखिल की गई. आरोप तय होने के बाद सियालदह कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया तेजी से पूरी हुई. जज ने संजय को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई.
–
डीकेएम/वीसी