बिहार : फर्जी आईएएस बनकर ठगी और दबंगई करने वाला युवक गिरफ्तार, टेस्ला-टाटा सफारी समेत विदेशी शराब बरामद

खगड़िया, 9 अगस्त . बिहार के खगड़िया जिले में Police ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों से कथित तौर पर ठगी करने और Governmentी अधिकारी के तौर रौब दिखाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार निवासी मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है.

Police के मुताबिक, आरोपी अपनी निजी गाड़ियों पर ‘India Government’ और आईएएस से जुड़े बोर्ड लगाकर लोगों के बीच दबदबा कायम करता था. खगड़िया के Police अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने Sunday को बताया कि Police को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीष गुप्ता लंबे समय से खुद को आईएएस अधिकारी बताकर गोगरी थाना क्षेत्र के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी लोगों को भ्रमित कर कथित रूप से ठगी कर रहा है. सूचना के सत्यापन के बाद Police टीम का गठन कर उसके घर पर छापेमारी की गई.

Police के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को केंद्रीय सतर्कता आयोग से जुड़ा व्यक्ति बताने की कोशिश की. इतना ही नहीं, उसने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का गुप्त एजेंट होने का भी दावा किया. Police ने इन दावों को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया है. उसके पास से ऐसा पहचान पत्र भी बरामद हुआ है, जिस पर खुद को आईएएस अधिकारी बताया गया था. छापेमारी के दौरान Police को आरोपी के घर से करीब 31 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई. बरामद शराब अलग-अलग विदेशी ब्रांड की बताई गई है.

इसके अलावा बारहसिंगा के दो सींग भी बरामद हुए हैं. Police ने बताया कि वन्यजीव से संबंधित यह बरामदगी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध के दायरे में आती है. Police ने आरोपी के पास से एक टेस्ला कार भी जब्त की है, जिस पर ‘India Government’ का बोर्ड लगा हुआ था.

Police के मुताबिक, यह टेस्ला का बड़ा मॉडल है और इसमें पूर्ण स्वचालित ड्राइविंग से जुड़े अत्याधुनिक फीचर हैं. एसपी ने स्पष्ट किया कि इसे पूरी तरह चालक रहित कार कहना तकनीकी रूप से उचित नहीं होगा, लेकिन इसमें उन्नत ड्राइविंग सहायता प्रणाली से जुड़े फीचर मौजूद हैं. इसके अलावा टाटा सफारी गाड़ी भी बरामद की गई है, जिस पर कथित तौर पर ‘India Government’ का बोर्ड लगा था.

जांच के दौरान Police ने आरोपी के पास से एप्पल कंपनी के पांच मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक भी बरामद की हैं. Police का कहना है कि बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

Police अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी की संपत्ति और उसके आय के स्रोतों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है. मामले की वित्तीय जटिलताओं को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई की मदद भी ली जाएगी. Police को आशंका है कि आरोपी ने लोगों को भ्रमित कर, ठगी या कथित भ्रष्ट गतिविधियों के माध्यम से संपत्ति अर्जित की है.

Police के मुताबिक, आरोपी की संपत्ति बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और विदेशों में भी होने की सूचना मिली है. हालांकि, इन दावों का अभी सत्यापन किया जा रहा है. एसपी ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और तथ्य सामने आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि मामला केवल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.

Police ने संकेत दिया कि जांच के दौरान और आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

एमएनपी/एसके

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