
New Delhi, 1 जुलाई . राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने India और Pakistan के बीच बातचीत की मांग करने वाले एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने नागरिकों के आपसी संपर्क और Governmentों के बीच होने वाली बातचीत में स्पष्ट अंतर करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
मनोज कुमार झा ने से बातचीत में कहा कि उनकी मंशा वही है, जिसे उन्होंने अपने पत्र और सार्वजनिक बयानों में स्पष्ट रूप से रखा है. राज्य, Government और नागरिक में एक फर्क होता है. डिजिटल युग में म्यूजिक को वीजा नहीं चाहिए, मूवीज को वीजा नहीं चाहिए और कार्टून को वीजा नहीं चाहिए. संगीत, कविताएं और कहानियां, बंटवारे के वक्त से ही यह फर्क महात्मा गांधी बताकर गए थे.
उन्होंने कहा कि भारत, Pakistan और बांग्लादेश जैसे देशों के बीच Governmentों के स्तर पर कई जटिल मुद्दे हैं, जिनसे निPatna दोनों देशों की Governmentों का दायित्व है. जल विवाद, आतंकवाद और अन्य संवेदनशील मामलों पर Governmentों के बीच बातचीत होनी चाहिए, लेकिन इसके समानांतर नागरिकों के बीच संपर्क बेहतर बनाने का भी प्रयास होना चाहिए. देश से डील करना हमारी Government या वहां की Government के बीच में है. चाहे जल का मामला हो, आतंकवाद का मामला हो या तमाम अन्य मुद्दे. लेकिन, लोगों के बीच बातचीत और संपर्क को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की जाए ताकि समझ भी बढ़े.
पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि उस समय पूरे देश में पीड़ा का माहौल था और ऐसे में Dubai में क्रिकेट क्यों खेला जा रहा था? इस समय कोलंबो में ट्रैक-2 बातचीत की बात आ रही है. किसी के इशारे पर वहां बातचीत हो रही है. अभी इनकार किया जा रहा है और दो महीने बाद बताया जाएगा कि सब कुछ एक इशारे से चल रहा था. यदि पिछले तीन महीनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख नेताओं के बयानों को देखा जाए, तो कई संकेत मिलते हैं. उनकी अपील केवल इतनी है कि भारत, Pakistan और बांग्लादेश के लोगों के बीच संपर्क को अधिक सहज बनाया जाए, जबकि दोनों देशों के बीच मौजूद मूल और जटिल विवादों पर अलग स्तर पर बातचीत जारी रहे.
मनोज झा ने कहा कि Government भी पूरी तरह अलग नहीं है. क्या कोलंबो में ट्रैक-2 बिना Government की मर्जी से हो रहा है और Government की मर्जी किनकी मर्जी से बन रही है, यह भी सबको पता है. धीरे-धीरे सारी चीजें सामने आएंगी. उन्होंने आगे कहा कि उनकी स्पष्ट मांग है कि India और Pakistan के बीच ‘पीपुल टू पीपुल कॉन्टैक्ट’ को बैरियर-फ्री बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएं, जबकि दोनों देशों के बीच मौजूद जटिल और संवेदनशील मुद्दों पर अलग से बातचीत जारी रखी जाए.
–
पीएसके/एबीएम