महाड के मुख्य अधिकारी से मारपीट दुर्भाग्यपूर्ण, भाजपा पार्षद के खिलाफ नेताओं ने की सख्त कार्रवाई की मांग

Mumbai , 10 जुलाई . Maharashtra के रायगड जिले के महाड नगर पालिका के मुख्य अधिकारी धनंजय कोलेकर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि स्थानीय भाजपा पार्षद सूरज बामणे और उनके कुछ सहयोगियों ने पानी की समस्या को लेकर हुई बहस के बाद नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में उनके साथ मारपीट की. इस घटना के सामने आने के बाद Political गलियारों में भी प्रतिक्रिया तेज हो गई है. कई नेताओं ने इसकी आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की है.

भाजपा विधायक योगेश सागर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी प्रशासकीय अधिकारी के साथ हाथापाई करना या गाली-गलौज करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी के काम को लेकर कोई शिकायत है या कोई समस्या है तो उसे बातचीत और संवैधानिक तरीके से सुलझाया जा सकता है.

योगेश सागर ने कहा कि अगर कोई अधिकारी मनमानी करता है, काम सही तरीके से नहीं करता या किसी तरह का भेदभाव करता है तो उसके वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की जा सकती है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों के ऊपर शासन और वरिष्ठ अधिकारी होते हैं, इसलिए किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और नियमों के अनुसार होना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि वह इस घटना के प्रत्यक्ष गवाह नहीं हैं, लेकिन अगर किसी जनप्रतिनिधि ने अधिकारी के साथ हाथ उठाया है तो यह पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर भी इस मामले पर चर्चा की जाएगी और घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा.

Maharashtra Government में मंत्री मेघना बोरडीकर ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि Maharashtra की पहचान लंबे समय से ऐसे राज्य के रूप में रही है, जहां जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी आपसी तालमेल और समझदारी के साथ काम करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य की छवि के लिए अच्छी नहीं हैं और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने भी घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए.

Samajwadi Party के विधायक अबू आजमी ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “इस तरह किसी को पीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. Political नेताओं के बारे में जनता की राय खराब हो रही है. Government को इस मामले में बहुत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. अगर कोई भ्रष्टाचार में शामिल है या बात नहीं सुन रहा है, तो शिकायत दर्ज की जा सकती है और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन किसी को भी उन पर हमला करने का अधिकार नहीं है. ऐसा लगता है कि सत्ता के साथ अहंकार आ गया है. ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.”

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर उन्होंने कहा, “यूसीसी के तहत निश्चित रूप से एक नियम होना चाहिए कि सार्वजनिक सड़कों पर शादी की बारात न निकाली जाए और ट्रैफिक में कोई रुकावट या जाम न लगे.”

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पीआईएम/एएस

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