
गांधीनगर, 6 अक्टूबर . Gujarat के पूर्व Chief Minister शंकर सिंह वाघेला ने Tuesday को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना की. वहीं, New Delhi में विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब Lok Sabha में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च किया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई.
Police ने नीति आयोग इलाके के पास मार्च को रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेताओं और सांसदों को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया.
विपक्ष एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा और वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को फिर से शामिल करने की मांग कर रहा है. इंडिया ब्लॉक ने अपने बड़े ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत 6 अक्टूबर को मार्च निकालने का ऐलान किया था. इस अभियान में देश भर में विरोध प्रदर्शन और 1 नवंबर को New Delhi में एक बड़ी रैली शामिल है.
वाघेला ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम किया है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए. एसआईआर प्रक्रिया और पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के कामकाज से भाजपा को Political फायदा हुआ है.
उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर विचारधारा और Political जुड़ाव के बढ़ते असर की भी आलोचना की. विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर टिप्पणी करते हुए वाघेला ने कहा कि अलग-अलग पीढ़ियों के Political नेताओं को जन-आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक असहमति और विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक जीवन का हिस्सा हैं और उन्हें उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए. पूर्व Chief Minister ने संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों के मामले में ज़्यादा जांच-पड़ताल और पारदर्शिता की भी मांग की.
उन्होंने सुझाव दिया कि रिटायर होने वाले जजों, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों और दूसरे सीनियर Governmentी अधिकारियों के लिए कोई नई Governmentी जिम्मेदारी संभालने से पहले एक ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ (काम से कुछ समय का ब्रेक) होना चाहिए.
86 साल के वाघेला का Political करियर लंबा रहा है और वे कई पार्टियों और विचारधाराओं से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने Political सफर की शुरुआत आरएसएस प्रचारक के तौर पर की और बाद में जनसंघ और भाजपा से जुड़े.
1995 में भाजपा से बगावत करने के बाद वे 1996 में कांग्रेस के समर्थन से Gujarat के Chief Minister बने. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए, Lok Sabha सांसद रहे और यूपीए Government में कपड़ा मंत्री का पद संभाला. वाघेला ने 2017 में कांग्रेस छोड़ दी और उसके बाद अलग-अलग Political संगठन बनाए और उनमें शामिल हुए.
अभी वे कांग्रेस में वापसी को लेकर बातचीत कर रहे हैं और पार्टी नेताओं ने पुष्टि की है कि बातचीत चल रही है.
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एएसएच/डीकेपी