
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने Tuesday को आरोप लगाया कि हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई Political मकसद से की गई थी और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है.
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में Chief Minister का कैंप ऑफिस, घराचों गांव में Chief Minister के ओएसडी राजबीर घुमन का घर और मोहाली में घुमन के एक करीबी रिश्तेदार का घर शामिल है.
Chief Minister ने आरोप लगाया कि पंजाब Government और उसके अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए Enforcement Directorate (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.
सीएम मान ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स ‘ पर एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उनके कैंप ऑफिस में सीबीआई की कार्रवाई को उसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों से उनकी Government को मिल रहे समर्थन से भाजपा परेशान है.
मान ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य Government और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने के मकसद से किया जा रहा है.
ये आरोप पंजाब और Haryana हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आए, जिसमें कोर्ट ने सीबीआई को Chief Minister के ओएसडी राजबीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में केस दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था.
इससे पहले ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को तीन पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे.
मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी एजेंसी ने आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक तबादलों, पोस्टिंग और Governmentी टेंडरों में दखल दे रहे थे, और एजेंसी ने First Information Report दर्ज करने की मांग की थी.
जब पंजाब Police ने ईडी की सूचनाओं के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और Haryana हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके सीबीआई जांच की मांग की.
याचिका में सराफ ने तर्क दिया कि ईडी के पत्रों में पंजाब के Chief Minister कार्यालय से जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे. उन्होंने पंजाब Police और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की.
याचिकाकर्ता ने कथित मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन) की जांच और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की भी मांग की. इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और जांच एजेंसियों या अदालत ने अभी तक कोई नतीजा नहीं निकाला है.
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एएसएच/डीकेपी