केटी रामाराव ने तेलंगाना सीएम पर 14 लाख छात्रों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया

हैदराबाद, 3 मई . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने Sunday को तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी पर फीस वापसी के मामले में बीसी, सीसी, सीटी और अल्पसंख्यक समुदायों के लगभग 14 लाख छात्रों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया.

Chief Minister को लिखे एक विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ घोर अन्याय हो रहा है.

केटीआर ने कहा कि Governmentी आदेश फीस वापसी योजना को खत्म करने का एक घोर और जानबूझकर किया गया प्रयास है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली रही है.

खबरों के मुताबिक, इस Governmentी आदेश के तहत शिक्षण संस्थानों को फीस वापसी की मंजूरी मिलने से पहले ही छात्रों से फीस वसूलने की अनुमति मिल गई है.

उन्होंने कहा कि इस कदम से लाखों गरीब छात्र उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित हो जाएंगे और उनका भविष्य अनिश्चित हो जाएगा. केटीआर ने Governmentी आदेश संख्या 7 को तुरंत वापस लेने की मांग की और Chief Minister से छात्र समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगने का आह्वान किया.

शिक्षा क्षेत्र में वित्तीय संकट को उजागर करते हुए केटीआर ने बताया कि राज्य Government पिछले ढाई वर्षों में लगभग 10,000 करोड़ रुपए की फीस वापसी का बकाया चुकाने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि इससे 2,500 से अधिक शिक्षण संस्थान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और छात्रों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने और अपनी शिक्षा जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

केटीआर ने लंबित बकाया राशि के मूल मुद्दे को हल करने के बजाय समितियों, नाममात्र की धनराशि जारी करने और आश्वासनों में देरी करके हितधारकों को गुमराह करने के लिए Government की कड़ी आलोचना की.

योजना की शुरुआत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति कार्यक्रम पूर्व Chief Minister वाईएस राजशेखर रेड्डी द्वारा शुरू किया गया था और तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव द्वारा शिक्षा की समावेशी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इसे प्रभावी ढंग से जारी रखा और मजबूत किया गया था.

बीआरएस नेता ने इस महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल को कमजोर करने के पीछे वर्तमान Government के इरादे पर सवाल उठाया.

केटीआर ने आवासीय शिक्षण संस्थानों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया.

–आईएएएस

एमएस/

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