
कोलकाता, 25 जुलाई . पश्चिम बंगाल के कोलकाता में Police ने Saturday को 11 लोगों को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारियां एक दिन पहले छात्रों और युवाओं के जुलूस के दौरान हुई अशांति के सिलसिले में की गईं.
Police ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कोई भी छात्र नहीं था और दो आरोपी दूसरे राज्य भागने की योजना बना रहे थे. उन्हें पश्चिम बर्धवान जिले के अंडाल से गिरफ्तार किया गया.
Chief Minister सुवेंदु अधिकारी द्वारा अशांति फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देने के 24 घंटे के भीतर ही Police ने यह कार्रवाई की.
गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद अफरोज नाम का एक आरोपी भी शामिल है. वह कोलकाता के मेतियाब्रुज के राजाबागन इलाके का निवासी है.
Police ने वीडियो फुटेज देखने के बाद उसकी पहचान कर ली.
Police Friday से ही उसकी तलाश कर रही थी. आखिरकार, Police को सूचना मिली कि आरोपी युवक पश्चिम बर्धमान के अंडाल में है.
इसके बाद, जांचकर्ताओं ने अंडाल के घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया.
कोलकाता के गार्डन रीच इलाके के निवासी मोहम्मद आजाद को भी अंडाल से गिरफ्तार किया गया.
Friday की रात को Chief Minister अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसके बाद उन्होंने Saturday की सुबह राज्य विधानसभा में एक बयान दिया.
Chief Minister ने Friday की अशांति के संबंध में जिन पांच गुंडों का नाम लिया है, उनमें राजबागान के मोहम्मद अफरोज का नाम भी शामिल है, जिन्हें उन्होंने ‘कुख्यात बदमाश’ बताया है.
गिरफ्तार किए गए शेष लोगों में अरशद अली (50) भी शामिल है, जो कोलकाता के एमहर्स्ट स्ट्रीट Police स्टेशन क्षेत्र का निवासी है.
जोरासांको Police थाना क्षेत्र से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनकी पहचान इरफान खुर्शीद, मोहम्मद आलमगीर, इमरान अहमद और खालिद रजा के रूप में हुई है.
इसके अलावा, तिलजाला से मोहम्मद मोइनुद्दीन, बेनियापुकुर से जमीर अहमद और कराया से मोहसिन खान और दीपक भौमिक को भी गिरफ्तार किया गया है.
Chief Minister ने Saturday सुबह राज्य विधानसभा को बताया कि जुलूस में भाग लेने वाले 70 लोगों की पहचान कर ली गई है, जो छात्र नहीं हैं.
Chief Minister के अनुसार, इन 70 लोगों में से कोई भी छात्र या ‘कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का सदस्य नहीं है. उनका नीट आंदोलन से कोई संबंध नहीं है.
शिक्षा में भ्रष्टाचार और नीट पेपर लीक के विरोध में Friday को कोलकाता के एस्प्लेनेड में एक जुलूस का आयोजन किया गया.
आरोप है कि वहां से Police पर हमला करने का प्रयास किया गया था.
यह भी आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों पर भी हमला किया गया था.
Friday की घटना में कुल सात मामले दर्ज किए गए हैं, छह हरे स्ट्रीट Police स्टेशन में और एक कोलकाता के एंटाली में.
आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में गुंडागर्दी विरोधी अधिनियम को भी जोड़ दिया गया है.
राज्य Government ने इस घटना में पहली बार राज्य विधानसभा में हाल ही में पारित कानून को लागू किया है.
Saturday सुबह Chief Minister ने राज्य विधानसभा में कहा, “सबने देखा कि Police ने संयम बरता. यही आदेश था. वे किसी भी जाल में नहीं फंसे. जुलूस निकल रहा था. डोरिना क्रॉसिंग पहुंचने के बाद वहां से जूते और बोतलें फेंकी जाने लगीं. पत्रकारों को निशाना बनाया गया. वे Police से लाठीचार्ज करवाना चाहते थे, हंगामा खड़ा करना चाहते थे, लेकिन Police ने उन्हें ऐसा मौका नहीं दिया. छह पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.”
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डीकेपी/