दिल्ली मास्टर प्लान 2047: झुग्गियों में फ्लैट, प्रदूषण-ट्रैफिक से राहत और बेहतर सुविधाओं का खाका तैयार

New Delhi, 20 अगस्त . India की राष्ट्रीय राजधानी New Delhi को 2047 तक ‘विकसित India की विकसित राजधानी’ बनाने के लिए दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी डीडीए ने ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ का खाका तैयार किया है. डीडीए के वाइस चेयरमैन एन. सरवण कुमार के अनुसार, इस योजना से दिल्लीवासियों की जिंदगी आसान होगी और उन्हें रहने, आने-जाने और घूमने-फिरने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ पर दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) के वाइस चेयरमैन एन. सरवण कुमार ने कहा, “दिल्ली के लोगों की जिंदगी आसान हो जाएगी और उन्हें रहने के लिए बेहतर और ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी. उनका ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क, चाहे मेट्रो हो या बस सुविधाएं, बेहतर मिलेगा. पार्क और अन्य सामान्य सुविधाएं ज्यादा होंगी. जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं, उनकी जीवनशैली बेहतर होगी. Government का ये निर्णय है कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत इन लोगों को फ्लैट बनाकर दी जाएगी. अनाथों के लिए भी रिडेवलपमेंट करने का प्रावधान किया गया है.”

पुराने घरों के पुनर्विकास को भी इस बार बढ़ावा दिया गया है. सरवण कुमार ने बताया, “अगर कोई घर 40-50 साल पुराना हो गया है और लोग नया घर बनाना चाहते हैं तो उसे प्रमोट किया जाएगा. आज किसी बिल्डिंग में 200 फ्लैट हैं, उसे गिराकर नया बनाएंगे तो 300 फ्लैट बन जाएंगे. ऐसे प्रावधान किए गए हैं ताकि आम जनता के लिए दिल्ली में रहने की व्यवस्था और अच्छी हो सके.”

मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मास्टर प्लान 2047 से शहर की दो बड़ी समस्याओं – प्रदूषण और ट्रैफिक – को कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही हाउसिंग डेवलपमेंट पर भी जोर रहेगा. उन्होंने कहा, “यह विकसित India की विकसित राजधानी बनाने का प्लान है. यहां प्रदूषण को हल करने और ट्रैफिक को कम करने की व्यवस्था है. नई हाउसिंग को डेवलप करने के लिए टीओडी यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट और लैंडपूलिंग के माध्यम से आबादी को व्यवस्थित करने के रास्ते उपलब्ध हैं.”

टीओडी का मतलब है मेट्रो और बस कॉरिडोर के आसपास घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, ताकि लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा सफर न करना पड़े.

वहीं, लैंडपूलिंग में जमीन मालिक अपनी जमीन Government को देते हैं और बदले में विकसित जमीन का एक हिस्सा वापस पाते हैं. इससे बिना विस्थापन के नई हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर बन सकेगा. डीडीए अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान 2047 का मकसद सिर्फ इमारतें बनाना नहीं, बल्कि दिल्ली को रहने लायक, हरित और कनेक्टेड शहर बनाना है. इसमें पार्क, खुले क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है.

कुल मिलाकर ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ को Government एक दीर्घकालिक विजन के रूप में देख रही है, जिसके तहत अगले 20 सालों में राजधानी की शक्ल पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी. बेहतर आवास, तेज ट्रांसपोर्ट, कम प्रदूषण और ज्यादा हरियाली, यही इस योजना के मुख्य स्तंभ हैं.

केके/डीकेपी

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