Skip to content
Friday, 23 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
समाज,मानवीय रुचि,अंतरराष्ट्रीय

जापान: नागासाकी ने परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरे को लेकर चेताया

जापान: नागासाकी ने परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरे को लेकर चेताया

नागासाकी, 9 अगस्त . हिरोशिमा के बाद जापानी शहर नागासाकी ने Sunday को परमाणु बम हमले की 81वीं बरसी पर दुनिया को परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरे से आगाह किया. शहर ने परमाणु हथियार रखने वाले देशों और परमाणु प्रतिरोध पर अपनी सुरक्षा निर्भर रखने वाले देशों से मौजूदा सुरक्षा माहौल पर गंभीरता से विचार करने तथा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया.

9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था. इससे तीन दिन पहले 6 अगस्त को हिरोशिमा पर पहला परमाणु हमला हुआ था. दोनों हमलों ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में जापान को भारी नुकसान पहुंचाया था. बड़ी मानवीय त्रासदी का उसे सामना करना पड़ा था.

क्योडो न्यूज एजेंसी ने बताया कि नागासाकी में हर वर्ष आयोजित शांति स्मृति समारोह केवल हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि परमाणु हथियारों के खिलाफ जापान के लंबे समय से चले आ रहे संदेश को दोहराने का भी मंच है. इस वर्ष यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब दुनिया कई क्षेत्रों में गंभीर सैन्य और भू-Political तनाव का सामना कर रही है.

हिरोशिमा की 81वीं बरसी के मौके पर भी परमाणु हथियारों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई गई थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा था कि दुनिया बढ़ते परमाणु खतरों का सामना कर रही है और देशों को टकराव के बजाय संवाद तथा परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

जापान के भीतर भी परमाणु नीति को लेकर बहस तेज हुई है. Prime Minister साने ताकाइची ने जापान के मौजूदा गैर-परमाणु सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन देश की सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय तनाव के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा फिर जोर पकड़ रही है.

नागासाकी और हिरोशिमा के परमाणु हमलों के जीवित बचे लोगों, जिन्हें ‘हिबाकुशा’ कहा जाता है, की संख्या लगातार घट रही है. ऐसे में दोनों शहरों की चेतावनियां आने वाली पीढ़ियों तक परमाणु हथियारों की भयावहता का संदेश पहुंचाने की कोशिश भी हैं.

–

केआर/

Share