
टोक्यो, 30 जुलाई . जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू के कुमामोटो प्रांत में Tuesday को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है.
ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार, प्रांतीय Government ने बताया कि घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
करीब 5,000 जापानी सेल्फ-डिफेंस फोर्स (एसडीएफ) के जवान राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं. हालांकि, Thursday को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और रात में आए 5.8 तीव्रता के आफ्टरशॉक के कारण अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया है.
कशिमा कस्बे के एयॉन शॉपिंग मॉल में लगभग 170 बचावकर्मी फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. भूकंप के समय मॉल में हजारों लोग मौजूद थे.
एयॉन कंपनी के अनुसार, भूकंप के बाद लगभग 3,000 ग्राहकों को सुरक्षित पार्किंग क्षेत्र में निकाल लिया गया था. इसके बाद मॉल के एक अन्य हिस्से में गैस विस्फोट हो गया. मलबे से अब तक आठ लोगों को निकाला गया है, जिनमें तीन की मौत हो चुकी है.
कंपनी ने बताया कि विस्फोट की चपेट में आए सभी लोग दुकान के कर्मचारी थे, जो निकासी के बाद दोबारा भवन के भीतर लौटे थे. एयॉन के अध्यक्ष ने Wednesday को प्रेस कॉन्फ्रेंस में झुककर माफी मांगी और स्वीकार किया कि कंपनी गैस विस्फोट की आशंका का अनुमान लगाने में विफल रही. विस्फोट के कारणों की जांच जारी है.
जापानी मीडिया की ओर से जारी की गई तस्वीरों में मॉल की छत का एक हिस्सा ढहा हुआ दिखाई दिया, जबकि धातु के टुकड़े और अन्य मलबे के बीच हेलमेट और मास्क पहने बचावकर्मी खोज अभियान चलाते नजर आए.
यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर मिल में चिमनी गिरने के बाद Police और एसडीएफ के जवान अभी भी चार लापता कर्मचारियों की तलाश कर रहे हैं. इस हादसे में कुल सात कर्मचारी मलबे में फंस गए थे, जिनमें से पांच की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं.
इस बीच, भूकंप में किसी विदेशी नागरिक की पहली मौत की भी पुष्टि हुई है. वियतनाम Government के अनुसार, एक वियतनामी तकनीकी प्रशिक्षु की उस समय मौत हो गई, जब उसके कार्यस्थल पर एक क्रेन उसके ऊपर गिर गई.
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केआर/