नोएडा इंडोर स्टेडियम बिना फायर एनओसी के संचालित, 100 करोड़ की परियोजना पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

नोएडा, 30 जुलाई . नोएडा के सेक्टर-21ए स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नोएडा इंडोर स्टेडियम एक बार फिर विवादों में आ गया है. इस बार मामला खिलाड़ियों और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, स्टेडियम बिना वैध फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के संचालित किया जा रहा है.

इस खुलासे के बाद अग्निशमन विभाग ने स्टेडियम का निरीक्षण कराया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आई हैं. सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि 1 अगस्त को इसी स्टेडियम में एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है.

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार चौबे के निर्देश पर फायर विभाग की टीम ने स्टेडियम का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्टेडियम में लगे कई फायर फाइटिंग उपकरण अक्रियाशील हैं और निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं किया गया है.

इसके बाद फायर विभाग ने स्टेडियम का संचालन कर रही सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी से जवाब तलब किया है. साथ ही, नोएडा प्राधिकरण, जिसने इस स्टेडियम का निर्माण कराया था, उसे भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है.

सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि स्टेडियम प्रबंधन को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं और वर्तमान में भी लगातार नोटिस देकर आवश्यक कमियों को दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन नहीं होगा, तब तक फायर एनओसी जारी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और संबंधित एजेंसी को सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करनी होंगी.

नोएडा इंडोर स्टेडियम में प्रतिदिन करीब 500 से 1,000 खिलाड़ी और खेल प्रेमी विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं. यहां जिम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कराटे, बॉक्सिंग और बास्केटबॉल जैसी खेल सुविधाएं संचालित होती हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी यहां अभ्यास करने आते हैं. ऐसे में बिना फायर एनओसी के स्टेडियम का संचालन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और अन्य आगंतुकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है.

सबसे बड़ा सवाल आगामी 1 अगस्त को प्रस्तावित बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर उठ रहा है. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में कई Union Minister, वीवीआईपी अतिथि, प्रसिद्ध कलाकार, social media इन्फ्लुएंसर्स और हजारों दर्शकों के शामिल होने की संभावना है. ऐसे में यदि स्वयं मुख्य अग्निशमन अधिकारी यह कह चुके हैं कि स्टेडियम अभी निर्धारित फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करता और इसी कारण फायर एनओसी जारी नहीं की जा सकती, तो फिर इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? यह सवाल प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन दोनों पर खड़े हो रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार, स्टेडियम का संचालन कर रही कंपनी पहले भी टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर चर्चा में रह चुकी है. अब फायर सुरक्षा से जुड़ी यह नई स्थिति सामने आने के बाद पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि संबंधित विभाग लगातार नोटिस जारी कर रहा है और अग्नि सुरक्षा मानक पूरे नहीं हैं, तो फिर इतने बड़े सार्वजनिक परिसर का संचालन किस आधार पर जारी है? यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—स्टेडियम संचालक एजेंसी, कार्यक्रम आयोजकों, नोएडा प्राधिकरण या संबंधित विभाग की?

पीकेटी/डीकेपी

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