ईवु शहर के विकास का अनुभवः खुशहाल समाज के रास्ते पर एक भी छूटना नहीं चाहिए

बीजिंग, 26 जुलाई . शहर और गांव का मिश्रित विकास समान समृद्धि की आंतरिक मांग है और 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीनी आधुनिकीकरण बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कार्य है.
जब शी चिनफिंग पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत में कार्यरत थे तो उन्होंने शहर और गांव के ताल मेल विकास पर बड़ा ध्यान दिया. उन्होंने वहां स्थित ईवु शहर के निरीक्षण में कहा था कि हमें कम आय वाले किसानों के जीवन और उत्पादन पर नजर रखकर उनको मदद देनी चाहिए.
खुशहाल समाज के निर्माण रास्ते पर कोई भी छूटना नहीं चाहिए. 20 से अधिक साल में ईवु ने शी की बात याद रखकर शहर और गांव के साथ-साथ विकास का सफल रास्ता निकाला.
10 जुलाई 2003 में तत्कालीन सीपीसी चच्यांग समिति के सचिव शी चिनफिंग ने एक बैठक पर रिपोर्ट करते समय बताया कि हमें समय से पहले आधुनिकीकरण पूरा करना और खुशहाल समाज का निर्माण पूरा करना चाहिए, पर उसे पूरा करने का मूल सवाल गांव है. गांव के आधुनिकीकरण के बिना आधुनिकीरण पूरा और खुशहाल नहीं होगा.
उसी साल ईवु शहर ने देश में सब से पहले शहर और गांव के एकीकरण का कार्रवाई कार्यक्रम प्रस्तुत किया. उसके अनुसार Governmentी वित्त में हर साल ईवु के 800 गांवों के निवास पर्यावरण और यातायात आदि बुनियादी संस्थापन के लिए 20 करोड युवान का अनुदान किया जाता है.
गांव के वातारण के निरंतर सुधार से ईवु स्थित ली त्सु गांव का ग्रामीण पर्यटन समृद्ध हो गया, जो हर साल बड़ी संख्या वाले पर्यटक आकर्षित करता है. वहां एक मेकर्स विलेज भी बनाया गया है.
वहां रहने वाले एक युवा मेकर सन जू यी ने बताया कि यह एक तरफ बड़े गांव से जुड़ा है और दूसरी तरफ छोटे वस्तुओं के बाजार से भी जुड़ा है, जो नवाचर एकत्र होने का स्थान है. अच्छे डिजाइन और आइडिया को यहां जल्दी लागू किया जा सकता है. अब यहां 340 से ज्यादा युवा मेकर और 100 से ज्यादा नए बिजनेस मॉडल हैं.
हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 मिलियन से ज्यादा है. बीस साल में ईवु शहर और गांव के बीच बुनियादी संस्थापन और सार्वजनिक सेवा की खाई पाटता रहा और शहरीकरण की दर 83.7 प्रतिशत हो गयी और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय 57965 युवान हो गई.
ईवु में छोटे सामान का बाज़ार देश के 110 बिज़नेस बेल्ट के विकास में मदद करता है, जिसकी बिजनेस चेन देश भर में 21 लाख से ज्यादा मध्यम, छोटे व लघु उद्यमों को जोड़ती है.
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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