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Saturday, 31 October 2026
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असम बाढ़: राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी के निर्देश, 14 अगस्त तक पूरा होगा नुकसान का आकलन

असम बाढ़: राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी के निर्देश, 14 अगस्त तक पूरा होगा नुकसान का आकलन

गुवाहाटी, 7 अगस्त . असम में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्य Government ने राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव रवि कोटा ने Friday को राज्य के चार सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों से कहा कि नुकसान का आकलन, आर्थिक सहायता और आजीविका बहाल करने का काम समय पर पूरा किया जाए.

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई जिला परामर्श समिति की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की. इस दौरान उन्होंने जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव और गोलाघाट जिलों के अधिकारियों से बात कर राहत उपायों की प्रगति जानी और बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय पर मदद पहुंचाने पर जोर दिया.

बैठक में जिला आयुक्त, बैंकों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए. चर्चा का मुख्य फोकस नुकसान के आकलन, वित्तीय सहायता और बीमा क्लेम निपटान में समन्वय बेहतर बनाने पर रहा.

रवि कोटा ने कहा कि राहत कार्य में देरी न हो, इसके लिए कई एजेंसियों को साथ मिलकर काम करना होगा और रोजाना निगरानी जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को संस्थागत समन्वय मजबूत करने और पुनर्वास में आ रही अड़चनों को दूर करने का निर्देश दिया.

बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, एमएसएमई और अन्य आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में हुए नुकसान की विस्तृत समीक्षा की गई.

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि फील्ड लेवल पर वेरिफिकेशन के साथ तकनीक आधारित और प्रमाणित नुकसान का आकलन 14 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए. सेक्टर-वार रिपोर्ट 18 अगस्त से पहले संबंधित समितियों के सामने पेश की जाए, ताकि राहत और पुनर्वास की सहायता जल्द दी जा सके.

बीमा से जुड़ी मदद आसान बनाने के लिए चारों जिलों में जिला-वार बीमा नोडल अधिकारी पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं. क्लेम प्रोसेसिंग पर नजर रखने और दिक्कतें दूर करने के लिए विशेष समीक्षा व्यवस्था भी बनाई गई है.

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन बाढ़ पीड़ितों के जरूरी कागजात खो गए हैं, उनके लिए दस्तावेजी प्रक्रिया सरल की जाए. जहां मूल रिकॉर्ड खराब या नष्ट हो गए हैं, वहां वैकल्पिक तरीके से सत्यापन की अनुमति दी जाए.

बैंकों को सलाह दी गई कि वे अगले दो हफ्तों में प्रभावित कर्जदारों से खुद संपर्क करें. उन्हें लोन मोरेटोरियम, मौजूदा लोन का पुनर्गठन, नया कर्ज और उपभोग ऋण जैसी राहत दी जाए ताकि परिवारों की तुरंत आर्थिक जरूरतें पूरी हो सकें.

बीमा कंपनियों को भी हेल्पलाइन शुरू करने और क्लेम का निपटान जल्दी करने के निर्देश दिए गए.

राज्य Government ने कहा कि इस समन्वित प्रयास का मकसद पारदर्शी, संवेदनशील और तेज पुनर्वास सुनिश्चित करना है, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवार जल्द से जल्द अपना जीवन और आजीविका फिर से शुरू कर सकें.

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वीकेयू/वीसी

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