भारत सभी धर्मों का देश है, यह कभी हिंदू राष्ट्र नहीं था: रफीकुल इस्लाम

गुवाहाटी, 28 अप्रैल . असम से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक रफीकुल इस्लाम ने Tuesday को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने India को एक हिंदू राष्ट्र बताया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रहा है और सभी धर्मों के लोगों का इस पर समान अधिकार है.

एआईयूडीएफ विधायक रफीकुल इस्लाम ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि India कभी किसी एक धर्म के लिए बना राष्ट्र नहीं रहा है और इसका धर्मनिरपेक्ष स्वरूप संविधान में स्पष्ट रूप से अंकित है.

उन्होंने कहा, “India कभी भी हिंदू राष्ट्र नहीं रहा. यह हमेशा से एक धर्मनिरपेक्ष देश रहा है. India सिर्फ हिंदुओं, मुसलमानों या ईसाइयों का ही नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों के लोगों का है. देश की धर्मनिरपेक्षता का उल्लेख संविधान में भी किया गया है.”

उन्होंने मोहन भगवत के बयान को गुमराह करने वाला बताया और कहा कि India की पहचान विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में समावेशी बनी रही है.

उन्होंने कहा, “जब मुगलों ने सदियों तक India पर शासन किया, तब भी यह मुस्लिम राष्ट्र नहीं बना. जब अंग्रेजों ने लगभग 200 वर्षों तक शासन किया, तब भी यह ईसाई राष्ट्र नहीं बना. यहां तक कि पिछले 12 वर्षों में जब Narendra Modi देश के Prime Minister रहे हैं, तब भी India को हिंदू राष्ट्र बनाने का कोई प्रयास नहीं किया गया.”

विधायक ने यह भी कहा कि India भविष्य में भी सभी धर्मों के अनुयायियों का देश बना रहेगा.

उन्होंने कहा, “India हिंदुओं, मुसलमानों, ईसाइयों, बौद्धों, सिखों और सभी का है. मुझे उम्मीद है कि मोहन भगवत, एक वरिष्ठ व्यक्ति होने के नाते, India की जनता को गुमराह नहीं करेंगे.”

हाल ही में एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने कहा कि India को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही एक हिंदू राष्ट्र है.

उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस से अक्सर India को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए कहा जाता है, लेकिन उन्होंने कहा कि जो पहले से मौजूद है उसे घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है.

डीकेपी/

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