
New Delhi, 23 फरवरी . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुए दो पक्षों में टकराव को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जेएनयू में नफरत की राजनीति करने की कोशिश हो रही है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जेएनयू हिंसा मामले में से बातचीत में कहा कि लेफ्ट और एबीवीपी की बात नहीं है. वहां नफरत की राजनीति करने की कोशिश हो रही है. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी देश में सेक्युलर आइडियोलॉजी का सेंटर मानी जाती है. वहां नफरत की आग बोई जा रही है.
एआई समिट को लेकर पीएम मोदी के कांग्रेस पर दिए बयान पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश को तबाह कांग्रेस ने नहीं, केंद्र Government ने किया है; जितना तबाह करना था, वो कर दिया है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर First Information Report दर्ज करने के मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कोई बात नहीं हो सकती कि इस तरह से एक शंकराचार्य के विरुद्ध यह सब हो रहा है. अब कहां गए सनातनी लोग, वो सनातन के पहरेदार, सबके मुंह पर ताले क्यों हैं? शंकराचार्य से बड़ा पद तो कुछ होता नहीं. शंकराचार्य के ऊपर ही इस तरह के आरोप लगाकर, इस तरह मुकदमा दर्ज कराया जाए, मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति के पीछे का आधार देखिए, वह क्या है.
आतंकी हमले की प्लानिंग बनाने वाले 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अभी ये नहीं पता कि किसको गिरफ्तार किया होगा. बीस-बीस साल लोग जेल में रहकर छूट भी आते हैं. आतंकवाद के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन किसी बेगुनाह को गिरफ्तार न करें. जो 20 साल के बाद रिहा होकर आएं, बस इस चीज का ध्यान रखें.
महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर तालिबान के नए कानून पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे नहीं समझ में आता कि तालिबान ने कौन सी किताब से निकालकर कानून बनाने का काम कर दिया. इस्लाम के अंदर जो औरत का दर्जा है, उसके मुताबिक तो यह है नहीं.
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डीकेएम/एएस