अमेरिकी फेड के फैसले का असर! भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला

Mumbai , 30 अप्रैल . कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत Thursday को गिरावट के साथ हुई. सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 694 अंक या 0.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,801 और निफ्टी 210 अंक या 0.87 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,963 पर था.

शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व ऑटो और पीएसयू बैंक कर रहे थे. सूचकांकों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक लूजर्स थे. निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी एफएमसीजी के साथ करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे.

लार्जकैप के साथ-साथ स्मॉलकैप और मिडकैप में गिरावट देखी गई. निफ्टी स्मॉलकैप 100 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,993 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 647 अंक या 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,695 पर था.

सेंसेक्स पैक में इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, बीईएल, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक लूजर्स थे. केवल बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस गेनर्स थे.

ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था. टोक्यो, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता लाल निशान में थे, केवल शंघाई ही मामूली तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. अमेरिकी बाजार Wednesday को लाल निशान में बंद हुआ. मुख्य सूचकांक डाओ में 0.57 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई.

अमेरिकी फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों को 3.5 प्रतिशत से लेकर 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है. साथ ही कहा है कि मध्य पूर्व में तनाव बने रहने के कारण आर्थिक परिदृश्य अस्थिर बना हुआ. इससे महंगाई में इजाफा हो रहा है.

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने Wednesday को इक्विटी मार्केट में 2,468.42 करोड़ रुपए की निकासी की. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,262.17 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी मार्केट में किया.

एबीएस/

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