
New Delhi, 30 अप्रैल . राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती दी है. उन्होंने इस मामले में पंजाब और Haryana हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल करते हुए अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की है.
पूर्व क्रिकेटर ने अपनी याचिका में पूछा है कि आखिर किस आधार पर उनकी सुरक्षा हटाई गई. इसके साथ ही उन्होंने उस घटना पर कार्रवाई की मांग भी की है, जिसमें कथित तौर पर उनके घर के बाहर ‘गद्दार’ लिख दिया गया था और भीड़ ने हमला करने की कोशिश की थी.
इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब Government और केंद्र Government दोनों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है. कोर्ट ने पंजाब Government से सुरक्षा समीक्षा के आधार पर जवाब मांगा है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पंजाब Government से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किस आधार पर सुरक्षा समीक्षा करते हुए इसे हटाने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही ‘गद्दार’ लिखे जाने की घटना पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी भी मांगी गई है.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) का साथ जोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा था. चड्ढा ने कहा था कि उनके सहित कई राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल होने वाले हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने वाले अन्य सांसदों में उनके अलावा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह का नाम लिया था.
इसके बाद Sunday को भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब Government ने हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ली थी. राघव चड्ढा के इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्मा गया था. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था. इस दौरान नारेबाजी भी हुई. कुछ घंटों बाद केंद्र Government ने मामले में हस्तक्षेप किया और हरभजन सिंह को सीआरपीएफ की ओर से वाई-कैटेगरी की सुरक्षा दी गई.
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आरएसजी/एबीएम