‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर रिटायर्ड कर्नल और उनकी पत्नी से 15.50 लाख की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

New Delhi, 21 अगस्त . दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले के साइबर Police स्टेशन ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. Police ने Friday को बताया कि इस मामले में पंजाब और Rajasthan से चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है.

यह कार्रवाई New Delhi के मुनिरका एन्क्लेव में रहने वाले भारतीय सेना के एक रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर की गई. उनसे Police और Governmentी अधिकारी बनकर ठगों ने 15.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी.

Police के मुताबिक, गिरफ़्तार आरोपी साइबर-फ्रॉड सिंडिकेट के लिए ‘म्यूल’ और करंट बैंक अकाउंट का इंतज़ाम और सप्लाई करते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से मिली रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था. जांच में इस नेटवर्क के कंबोडिया और यूएई (Dubai सहित) में मौजूद साइबर-फ्रॉड ऑपरेटरों से भी संबंध होने का पता चला है.

Police ने बताया कि इस मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट का संबंध कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 17 शिकायतों से था. इन शिकायतों में कई करोड़ रुपये के फ़र्ज़ी ट्रांज़ैक्शन शामिल हैं.

पीड़ित को 15 अप्रैल को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने झूठा दावा किया कि Maharashtra Police के आदेश पर उनका टेलीफ़ोन कनेक्शन काट दिया जाएगा. इसके बाद उन्हें एक दूसरे नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया.

दूसरी तरफ, Police अधिकारी बनकर बात कर रहे एक ठग ने रिटायर्ड कर्नल को बताया कि Mumbai में एक अवैध बैंक अकाउंट खोलने के लिए उनकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया है. कॉलर ने यह भी दावा किया कि यह अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और टेररिस्ट फ़ाइनेंसिंग से जुड़ा था.

आरोपों को सच साबित करने के लिए, ठगों ने पीड़ित को कई फर्ज़ी दस्तावेज भेजे. इनमें Enforcement Directorate (ईडी) का फर्जी अरेस्ट वारंट, कथित कोर्ट पेपर, अग्रिम जमानत का दस्तावेज और बॉम्बे हाई कोर्ट व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआईI) द्वारा जारी किए गए बताए जाने वाले फ़र्ज़ी कम्युनिकेशन शामिल थे.

इसके बाद पीड़ित और उनकी पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया. ठगों ने उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाए रखा और उनकी बातचीत पर नजर रखी.

Police ने बताया कि पीड़ित से उनकी संपत्ति की जानकारी ली गई और फिर ठगों द्वारा बताए गए कथित आरबीआई निर्देशों के आधार पर उनसे 15.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए. शिकायत के बाद, दक्षिण-पश्चिम ज़िले के साइबर Police स्टेशन में मामला दर्ज की गई. इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई.

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एसएके/पीएम

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