
New Delhi, 10 अक्टूबर . राजधानी दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में Friday को Police और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने की social media पर फैल रही खबरों को गुरुद्वारा प्रबंधन ने गलत बताया है. गुरुद्वारा बंगला साहिब के मैनेजर राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और गुरुद्वारे में श्रद्धालु सामान्य रूप से आ रहे हैं, मत्था टेक रहे हैं और लंगर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं. वहीं, New Delhi के डीसीपी ने भी social media पर प्रसारित वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है.
गुरुद्वारा बंगला साहिब के मैनेजर राजेंद्र सिंह ने कहा, “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह.” उन्होंने बताया कि social media पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में Police और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है, जबकि यह पूरी तरह गलत है. राजेंद्र सिंह के मुताबिक, वह सुबह से ही वहां ड्यूटी पर मौजूद हैं. श्रद्धालुओं, प्रदर्शनकारियों या Police से जुड़ी ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. गुरुद्वारे में रोजाना की तरह श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, प्रार्थना कर रहे हैं और लंगर में शामिल हो रहे हैं.
इस मामले में New Delhi के डीसीपी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वायरल वीडियो के संबंध में स्पष्टीकरण दिया. पोस्ट में कहा गया कि social media पर एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें Policeकर्मियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रवेश करने और कुछ Policeकर्मियों के जूते पहने होने का दावा किया जा रहा है.
डीसीपी ने बताया कि वीडियो में Policeकर्मी उस सामान्य रास्ते से गुजरते दिखाई दे रहे हैं, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने वाले स्थान तक पहुंचने के लिए करते हैं. पोस्ट में कहा गया कि गुरुद्वारे आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाती है. डीसीपी ने इस संबंध में वीडियो भी साझा किए जाने की बात कही.
डीसीपी की पोस्ट में आरोप लगाया गया कि वीडियो को दुर्भावनापूर्ण मंशा से प्रसारित किया गया है, ताकि एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे और धार्मिक सद्भाव प्रभावित हो. Police ने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है.
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पीएसके/डीकेपी