‘दूसरे नेताओं को गले लगाना विदेश नीति नहीं’, राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला

New Delhi, 13 अगस्त . कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने Prime Minister Narendra Modi की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि कूटनीति को दूसरे देशों के नेताओं को ‘गले लगाने’ तक सीमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि India की विदेश नीति राष्ट्रीय हित से संचालित होनी चाहिए.

Thursday को यहां कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि India के Prime Minister को विदेशी नेताओं से दोस्ती करने के बजाय देश के हित में काम करना चाहिए.

ईरान से जुड़े संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि India के नेतृत्व ने मौके का फायदा उठाया होता तो वह मध्यस्थता कर सकता था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय Pakistan ने इसमें कदम रखा और Prime Minister मोदी यह सोचते रह गए कि ऐसा कैसे हो गया.

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें Prime Minister कार्यालय के भीतर से भी सूचनाएं मिल रही हैं.

चीन का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजिंग ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय गश्त पर रोक लगा दी है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह तथा Prime Minister Narendra Modi का ‘दिखावटी तेवर’ पूरी तरह कमजोर पड़ गया है. उन्होंने दावा किया कि केंद्र Government ने अखबारों और मीडिया संस्थानों को फोन कर इस खबर को प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने के लिए कहा.

गलवान संघर्ष का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि Prime Minister ने दावा किया था कि चीन ने India की एक इंच जमीन भी नहीं ली, जबकि सेना का कहना था कि जमीन पर कब्जा किया गया है.

उन्होंने कहा, “इससे चीन को क्या संदेश गया? बातचीत के दौरान चीनी पक्ष ने कहा कि हम गलत हैं, क्योंकि हमारे अपने Prime Minister ने कहा था कि कोई जमीन नहीं गई. इन लोगों ने हमारी विदेश नीति को बर्बाद कर दिया और देश को अंदर से कमजोर कर दिया.”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों को न तो India की परंपराओं की समझ है और न ही उनका सम्मान. उन्होंने कहा कि वे तीन हजार साल पुरानी बातों का जिक्र करते हैं, लेकिन आधुनिक India की वास्तविकता को नहीं समझते.

राहुल गांधी ने कहा, “इस India को तभी समझा जा सकता है, जब लोगों को बोलने दिया जाए, लेकिन वे ऐसा करने से इनकार करते हैं.”

Prime Minister आवास के बाहर हुई एक घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि एक Police अधिकारी ने उनसे फुसफुसाकर कहा था कि उन्हें वहां से हटाया जाएगा.

उन्होंने Prime Minister मोदी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि इसके पीछे कोई रणनीति होगी, लेकिन पांच मिनट एक कमरे में बैठने के बाद उन्हें लगा कि मामला सिर्फ पांच मिनट में सुलझ सकता है.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा नीत केंद्र Government भी कांग्रेस की ताकत से परिचित है.

राहुल गांधी ने संसद में Prime Minister के प्रवेश वाले स्थान के पास से गुजरने का एक कथित घटनाक्रम भी सुनाया. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक भाजपा नेता को दूसरे नेता से यह कहते सुना, “वह किसी सांचे में फिट नहीं बैठता, जबकि हम बैठते हैं.”

डीएससी

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