
कोलकाता, 26 अप्रैल . कोलकाता में Sunday को Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की. यह छापे आनंदपुर और अलीपुर इलाके में दो कारोबारियों के घरों समेत कुल तीन जगहों पर डाले गए.
ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार से जुड़े आपराधिक सिंडिकेट की जांच के तहत की जा रही है. इस मामले में ईडी पहले ही सोना पप्पू के करीबी कारोबारी जॉय कामदार को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल ईडी की हिरासत में है.
बताया जा रहा है कि जिन कारोबारियों के यहां छापेमारी की जा रही है, उनका पता जॉय कामदार से पूछताछ के दौरान मिला. Sunday सुबह ईडी की कई टीमें केंद्रीय बलों के साथ साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स से रवाना हुईं और अलग-अलग स्थानों पर जांच शुरू की.
सूत्रों के मुताबिक, आनंदपुर के एक प्रमुख इलाके में एक कारोबारी के घर पर तलाशी चल रही है, जबकि एक अन्य टीम अलीपुर पहुंची है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन कारोबारियों का जॉय कामदार के निवेश से कोई संबंध है या नहीं.
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच के तहत की जा रही है. सोना पप्पू पर हत्या की कोशिश और उगाही जैसे कई गंभीर आरोप हैं और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.
जानकारी के मुताबिक, सोना पप्पू दक्षिण कोलकाता के कस्बा और बालीगंज इलाकों में सिंडिकेट चलाता है. फरवरी में हुए गोलपार्क हिंसा मामले में भी वह मुख्य आरोपी है. फिलहाल वह फरार है, लेकिन समय-समय पर social media पर सक्रिय होकर जांच एजेंसियों पर अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाता रहता है.
इस मामले में कोलकाता Police के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि उनके जॉय कामदार के साथ वित्तीय लेन-देन थे. ईडी इस महीने की शुरुआत में उनके घर पर भी छापेमारी कर चुकी है.
गौरतलब है कि यह कार्रवाई राज्य में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच हो रही है. पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो चुका है, जबकि बाकी 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है.
इसी बीच Prime Minister Narendra Modi भी Sunday को कोलकाता पहुंच रहे हैं, जहां वे नॉर्थ कोलकाता में रोड शो करेंगे.
वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि केंद्र Government इन एजेंसियों का इस्तेमाल Political लाभ के लिए कर रही है.
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वीकेयू/एएस