दिग्विजय सिंह ने की चंपत राय और अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किए जाने की मांग

उज्जैन, 27 जून . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह ने Saturday को राम मंदिर ट्रस्ट पर जोरदार हमला किया. उन्होंने मंदिर से जुड़े दान और जमीन के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि दोनों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर के लिए मिले दान, जिसमें नगद, गहने, चांदी की ईंटें और विदेशी योगदान शामिल हैं, उनके प्रबंधन पर सवाल उठे हैं.

उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी जमीन की खरीद में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

दिग्विजय सिंह ने कहा, “इस मामले में जमीन की खरीद में भ्रष्टाचार, भक्तों द्वारा दिया गया दान, सिंधी समुदाय द्वारा दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटें, एक महिला द्वारा दान किए गए गहने और रसीद न जारी करने जैसी बातें शामिल हैं. यहां तक ​​कि विदेशों से मिले दान की भी कोई रसीद नहीं दी गई. इन आरोपों की जांच होनी चाहिए और सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए.”

ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “तुरंत First Information Report दर्ज होनी चाहिए. चंपत राय और अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. भगवान राम के नाम पर दान देने वाले लोग अपने योगदान के इस्तेमाल के बारे में जवाब और पूरी पारदर्शिता पाने के हकदार हैं.”

सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर भी तीखा हमला किया और उन पर Political उद्देश्यों के लिए धार्मिक आस्था का फायदा उठाने का आरोप लगाया.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मैं शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का धर्म या किसी धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है. उनकी असली चिंता सत्ता है. उनका ध्यान ज्यादा से ज्यादा जमीन हथियाने पर है. वे चरित्र और नैतिकता की बात करते हैं, लेकिन उनसे ज्यादा भ्रष्ट समूह आपको कोई और नहीं मिलेगा.

ये ऐसे संगठन हैं जिनका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, कोई औपचारिक सदस्यता नहीं है और जिन पर कोई कानून लागू नहीं होता. वे जो ‘गुरु दक्षिणा’ इकट्ठा करते हैं, उस पर भी टैक्स नहीं देते. इस राज्य ने ऐसे संगठन को इतना ताकतवर कैसे बनने दिया कि आज वे धीरे-धीरे लगभग सभी संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं?

मैंने बार-बार संतों और धार्मिक नेताओं, जिनमें हमारे आदि गुरु शंकराचार्य भी शामिल हैं, से कहा है कि इन लोगों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. उनका एकमात्र मकसद आपके संगठनों पर कब्जा करना है. वे सभी मंदिरों पर नियंत्रण चाहते हैं और अब, जैसा कि आप देख सकते हैं, ठीक वही हुआ है जिसके बारे में मैंने चेतावनी दी थी.

पूर्व Chief Minister ने कहा कि उन्हें कथित गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं और रिकॉर्ड की जांच के बाद और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. उन्होंने उज्जैन के महाकाल मंदिर के प्रबंधन की भी आलोचना की और मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि फैसले लेने की प्रक्रिया में साधु-संतों को दरकिनार किया जा रहा है.

सिंह ने घोषणा की कि कांग्रेस Madhya Pradesh के गांवों में राम मंदिर दान में हुई गड़बड़ियों का मुद्दा उठाने के लिए अपनी पंचायत-स्तरीय समितियों के माध्यम से जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी.

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डीकेएम/वीसी

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