दिल्ली में घटा अपराध, 2024 के मुकाबले 2025 में हत्या और रेप जैसी घटनाएं कम हुईं

New Delhi, 21 जनवरी . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में Police की सख्ती के बाद आपराधिक घटनाओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. 2024 की तुलना में 2025 में दिल्ली में हत्या, बलात्कार और अन्य जघन्य अपराधों में कमी आई है. इस संबंध में दिल्ली Police ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं.

दिल्ली Police के आंकड़ों के अनुसार, बलात्कार के मामलों में कमी देखी गई. जहां 2023 में रेप के कुल 2,141 मामले दर्ज किए गए, वहीं यह संख्या 2024 में घटकर 2,076 थी. 2025 में रेप के मामले घटकर दो हजार से नीचे 1,901 दर्ज किए गए. पिछले एक साल में दिल्ली Police ने 97.11 प्रतिशत मामलों को हल किया है.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपराधों में भी लगातार गिरावट देखी गई है. 2023 में कुल 2,345 मामले दर्ज किए गए थे. यह संख्या 2024 में घटकर 2,037 हो गई और 2025 में और कम होकर 1,708 हो गई. Police ने ऐसे मामलों में 95 प्रतिशत मामलों को सुलझाने का दावा किया.

छेड़छाड़ के मामलों में भी लगातार कमी आई है. 2025 में 337 मामले दर्ज किए गए, जबकि इससे पहले 2023 में 381 मामले और 2024 में 362 सामने आए थे. 2025 में इन मामलों को सुलझाने की दर 89 प्रतिशत रही.

वहीं, 2023 में 506 हत्या के मामले दर्ज किए गए और 2024 में यह संख्या 504 पर थी. 2025 में गिरावट के साथ यह संख्या 500 से नीचे यानी 491 पर पहुंच गई है. Police ने 2025 में हत्या की 95.32 प्रतिशत घटनाओं को सुलझाने का दावा भी किया है.

इसी तरह हत्या के प्रयास के मामले 2024 के मुकाबले 2025 में कम हुए. 2023 में 757 हत्या की कोशिश के मामले दर्ज किए गए, जो 2024 में बढ़कर 898 तक पहुंचे. हालांकि 2025 में घटकर यह संख्या 854 पर आई. 98.13 प्रतिशत मामलों को सुलझाया गया है.

पिछले तीन सालों में डकैती के मामलों में लगातार कमी आई है. 2023 में कुल 1,654 मामले दर्ज किए गए थे. यह आंकड़ा 2024 में घटकर 1,510 हो गया और 2025 में और घटकर 1,326 हो गया. Police ने इनमें से 97 प्रतिशत मामले सुलझाए.

2025 में फिरौती की 212 घटनाएं भी दर्ज की गईं, जो 2024 के मुकाबले (228 केस) कम थीं. स्नैचिंग के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली Police ने बताया कि 2023 में 7,886 स्नैचिंग के मामले दर्ज किए गए. यह संख्या 2024 में घटकर 6,493 हो गई और 2025 में और कम होकर 5,406 हो गई. हालांकि, 2025 में मामलों को सुलझाने की दर 64 प्रतिशत पर कम रही.

डीसीएच/

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