सेशेल्स के राष्ट्रपति को मुरादाबादी पीतल का कछुआ भेंट करने से बढ़ी स्थानीय हस्तशिल्प की पहचान: चिरंजी लाल यादव

मुरादाबाद, 30 जून . Prime Minister Narendra Modi द्वारा सेशेल्स के President को उपहार स्वरूप मुरादाबाद के प्रसिद्ध पीतल का कछुआ भेंट किए जाने को लेकर हस्तशिल्प जगत में खुशी का माहौल है. इस अवसर पर हस्तशिल्प गुरु एवं पद्मश्री सम्मान से सम्मानित चिरंजी लाल यादव ने कहा कि यह मुरादाबाद के कारीगरों और भारतीय हस्तशिल्प के लिए गर्व का विषय है. Prime Minister मोदी के इस पहल से देश के हस्तशिल्पों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिल रही है.

समाचार एजेंसी से बातचीत में चिरंजी लाल यादव ने कहा कि यह बेहद प्रशंसनीय है कि Prime Minister Narendra Modi ने भारतीय हस्तशिल्पों को अलग पहचान दिलाने का कार्य किया है. अब मुरादाबाद के कारीगरों और उनके उत्पादों को विदेशों में भी Prime Minister के माध्यम से जाना जाएगा. मुरादाबाद को ‘ब्रास सिटी’ के रूप में पूरी दुनिया में पहचान प्राप्त है और Prime Minister द्वारा इसी शहर में निर्मित पीतल का कछुआ उपहार स्वरूप देना इस पहचान को और मजबूत करता है.

कछुए के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में कछुए को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. यह अत्यंत शुभ प्रतीक है. उत्तर प्रदेश में भले इसका महत्व सीमित रूप से देखा जाता हो, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में इसे समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है.

Prime Minister द्वारा इस उपहार के चयन को ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए चिरंजी लाल यादव ने कहा कि Prime Minister लगातार हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि मणिपुर, वाराणसी, Bengaluru, तेलंगाना सहित देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्पों को भी समान रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

भारतीय हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों की कला को विश्व स्तर पर सम्मान मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के प्रयासों से India और विदेशों में आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों में भी हस्तशिल्पियों को अवसर और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्हें स्वयं अभी तक विदेश में प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर नहीं मिला है, लेकिन उद्योग विभाग की ओर से उन्हें जानकारी दी गई है कि भविष्य में वे भी ऐसे आयोजनों का हिस्सा बन सकते हैं. Prime Minister मोदी भारतीय हस्तशिल्प को विदेशों में सम्मान दिलाने का कार्य कर रहे हैं.

सेशेल्स की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद के पीतल के कछुए का चयन किए जाने पर उन्होंने कहा कि Prime Minister ऐसे ही प्रसिद्ध और विशेष महत्व वाले उत्पादों का चयन करते हैं. वे हमेशा अच्छे कारीगरों द्वारा तैयार किए गए प्रसिद्ध हस्तशिल्प उत्पादों को ही विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को भेंट करते हैं, जिससे India की सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी परिचय दुनिया के सामने प्रस्तुत होता है.

चिरंजी लाल यादव ने कहा कि Prime Minister द्वारा भेंट किया गया पीतल का कछुआ मुरादाबाद के कारीगरों की मेहनत और उत्कृष्ट शिल्पकला का परिणाम है. उन्होंने इसे केवल एक उपहार नहीं, बल्कि India की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया. कछुए का महत्व केवल एक सजावटी वस्तु तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए इसका सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है.

Prime Minister द्वारा विदेशी नेताओं को भारतीय हस्तशिल्प-आधारित उपहार दिए जाने को India की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि Prime Minister हमेशा ऐसे उत्पादों का चयन करते हैं जो अपने क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रखते हैं. चाहे मुरादाबाद का पीतल हो, बनारस का शॉल हो या कश्मीर का शॉल, हर उपहार India की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है.

भारतीय हस्तशिल्पियों को मिल रही नई पहचान पर चिरंजी लाल यादव ने कहा कि आज शिल्पकारों को पहले की तुलना में अधिक सम्मान मिल रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें स्वयं पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ, जो इस बात का प्रमाण है कि देश में हस्तशिल्प और कारीगरों के कार्य को सम्मान दिया जा रहा है. इस सम्मान के बाद लोगों ने उनका अभिनंदन किया, मीडिया ने उनके कार्य को प्रमुखता से दिखाया और इससे देश के अन्य कारीगरों को भी प्रेरणा मिली.

पीएसके/डीकेपी

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