
कोच्चि, 30 जून . केरल हाईकोर्ट ने Tuesday को लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमएससी एल्सा 3 के तीन विदेशी चालक दल (क्रू) सदस्यों को अपने देश लौटने का रास्ता साफ कर दिया. अदालत ने India छोड़ने के लिए पहले लगाई गई एक शर्त में ढील देते हुए उन्हें राहत प्रदान की.
न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने तीनों क्रू सदस्यों को एक-एक लाख रुपए की बैंक गारंटी देने के बजाय इतनी ही राशि नकद जमा करने की अनुमति दे दी. अदालत को बताया गया था कि तकनीकी कारणों के चलते वे पहले निर्धारित बैंक गारंटी की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे.
ये तीनों उन सात विदेशी क्रू सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर India छोड़ने की अनुमति मांगी थी. जहाज के पिछले वर्ष मई में केरल तट के पास डूबने के बाद से वे एक साल से अधिक समय से India में रह रहे हैं.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि पहले अदालत द्वारा देश छोड़ने की अनुमति दिए जाने के बावजूद तीनों क्रू सदस्य बैंक गारंटी की व्यवस्था नहीं कर सके, जिसके कारण वे अब तक अपने देश नहीं लौट पाए हैं.
इस पर न्यायमूर्ति थॉमस ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि वे अभी तक गए नहीं. इसके बाद अदालत ने अपने पहले के आदेश में संशोधन कर दिया.
अदालत ने माना कि बैंक गारंटी उपलब्ध कराने में आई तकनीकी कठिनाइयों को देखते हुए आदेश में बदलाव उचित है.
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि तीनों याचिकाकर्ता बैंक गारंटी की जगह एक-एक लाख रुपए नकद जमा कर सकते हैं. इससे उनके देश लौटने की बाकी औपचारिकताएं पूरी हो सकेंगी.
इन तीनों क्रू सदस्यों का नाम मर्चेंट शिपिंग एक्ट के तहत चल रही वैधानिक जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में नहीं है. साथ ही, जहाज डूबने के मामले में फोर्ट कोच्चि तटीय Police स्टेशन में दर्ज आपराधिक मामले में भी उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है.
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को यह भी बताया कि मर्चेंट शिपिंग एक्ट की धारा 360 के तहत क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही वैधानिक जांच की अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित है.
चल रही कानूनी कार्यवाही को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई के लिए तय की है.
इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट ने बाकी चार क्रू सदस्यों को संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत से उचित राहत लेने का निर्देश दिया था.
अदालत ने फिलहाल उनमें से दो को देश छोड़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि एमएससी एल्सा 3 के डूबने की परिस्थितियों की जांच के लिए उनके बयान आवश्यक हैं.
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एएमटी/डीकेपी