टीएमसी के विरोधी विधायकों की कमेटी की कोई अहमियत नहीं : सौगत रॉय

कोलकाता, 23 जून . तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने Monday को हुई बागी विधायकों की बैठक, टीएमसी पार्टी में मची उथल-पुथल, चुनाव आयोग को लिखे पत्र और ममता बनर्जी पर बात की.

तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने ममता बनर्जी को तृणमूल चेयरपर्सन के पद से हटाकर हावड़ा सेंट्रल के विधायक अरूप रॉय को अपना नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. इसके अलावा अभिषेक बनर्जी को पार्टी के महासचिव को सस्पेंड कर दिया है.

इस घटना पर सांसद सौगत रॉय ने से बातचीत में कहा, “न्यू टाउन के नोवोटेल होटल में एक बैठक हुई, जिससे पता चलता है कि यह अलग हुआ गुट एक खास दिशा में आगे बढ़ रहा है. होटल में इतनी बड़ी सभा के लिए जरूर किसी ने फंडिंग की होगी. यह पूरा मामला एक मजाक और सर्कस जैसा है. तृणमूल कांग्रेस को ममता बनर्जी ने बनाया था और उन्होंने संघर्ष करके पार्टी को खड़ा किया. सिर्फ 29 विधायकों से शुरू होकर पार्टी पांच साल के अंदर बंगाल में सत्ता में आ गई. ममता बनर्जी का साथ छोड़कर जिन्होंने कमेटी बनाई है, उनकी कोई अहमियत नहीं है. इन्होंने भाजपा और सीआईएम की कमेटी बनाई है.”

चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र को लेकर सांसद सौगत रॉय ने कहा, “India का चुनाव आयोग पार्टी का चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत तय करता है. हम अपनी बात आयोग के सामने रखेंगे. अगर हमें बुलाया गया, तो हम वहां जवाब देंगे. मुख्य बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस के लगभग 90 फीसदी कार्यकर्ता ममता बनर्जी के साथ हैं. बागी विधायक जो कमेटी बना रहे हैं, उनको किसी भी विधानसभा में सफलता नहीं मिलेगी.”

सांसद ने कहा, “विरोधी विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस के पैसे से चुनाव लड़े थे. ऐसे में सवाल उठता है अब ये लोग अपना गुट कैसे चलाएंगे. मुझे लगता है कि विरोधियों को पार्टी और कमेटी चलाने के लिए भाजपा पैसा देगी.”

भाजपा Government के बजट को लेकर सौगत रॉय ने कहा, “1 लाख नौकरियों में 33 फीसदी महिलाओं के आरक्षण की घोषणा की गई है, अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छा है. भाजपा ने 30 फीसदी अल्पसंख्यकों के बजट में कटौती कर अनदेखा किया है.”

ओपी/पीएम

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