अपने अधिकार की उम्‍मीद रखने वाली महिलाओं के लिए निराशाजनक: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्‍ली, 17 अप्रैल . Lok Sabha में Friday को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल गिर गया. इसे लेकर दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि Lok Sabha में जो हुआ वह हर उस महिला के लिए पीड़ादायक और निराशाजनक है जो अपने अधिकार और सम्मान की उम्मीद रखती है.

दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने social media प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट कर कहा कि आज Lok Sabha में जो हुआ, वह हर उस महिला के लिए पीड़ादायक और निराशाजनक है, जो अपने अधिकार और सम्मान की उम्मीद रखती है.

Prime Minister Narendra Modi ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए जो संकल्प लिया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम था, लेकिन विपक्ष द्वारा इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन को पारित न होने देना महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है.

उन्‍होंने कहा कि एक महिला Chief Minister होने के नाते, यह विषय मेरे लिए केवल राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान का विषय है. देश की करोड़ों महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का यह अवसर आज उनसे छीन लिया गया है.

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में बाधा डाली है. उनकी यह सोच महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनकी वास्तविक नीयत को दर्शाती है, लेकिन मैं विश्वास के साथ कहती हूं कि देश की महिलाएं सब देख रही हैं और समझ रही हैं. नारी शक्ति के साथ हुआ यह अन्याय यूं ही नहीं जाएगा.

उन्‍होंंने पोस्‍ट में आगे लिखा कि दिल्ली Government Prime Minister के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी.

दरअसल, Lok Sabha में Friday को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका. मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जिसके चलते यह विधेयक पास नहीं हो पाया.

एएसएच/डीकेपी

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