
Bengaluru, 14 जुलाई . कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने राज्य में उभरते सूखे के हालात का आकलन करने के लिए Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है. Chief Minister ने कहा कि राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, जिससे कृषि, जल संसाधनों और ग्रामीण आजीविका पर गंभीर असर पड़ रहा है.
Prime Minister को भेजे पत्र में Chief Minister ने बताया कि 11 जुलाई तक कर्नाटक में सामान्य 292 मिमी के मुकाबले केवल 203 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 30 प्रतिशत कम है.
उन्होंने कहा कि राज्य के 31 में से 18 जिलों और 240 में से 141 तालुकों में सामान्य से कम या अत्यधिक कम बारिश हुई है. मानसून के देर से आने और अनियमित बारिश के कारण खरीफ बुवाई भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. अब तक केवल 28.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो सकी है, जबकि इस मौसम का लक्ष्य 84.10 लाख हेक्टेयर था.
Chief Minister ने जल संकट को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने बताया कि 10 जुलाई तक राज्य के 14 प्रमुख जलाशयों में केवल 303 टीएमसी (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) पानी उपलब्ध है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का महज 34 प्रतिशत है.
पत्र में शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक देश में दालों, विशेषकर अरहर (तूर) का प्रमुख उत्पादक राज्य है. यदि उत्पादन में गिरावट आती है तो इसका असर केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में दालों की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ सकता है.
Chief Minister ने बताया कि राज्य Government ने संभावित संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं. किसानों के लिए फसल संबंधी सलाह (क्रॉप एडवाइजरी) जारी की गई है, जिला-वार आकस्मिक कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं और जलाशयों के पानी को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आपूर्ति के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने Prime Minister से आग्रह किया कि केंद्र Government जल्द से जल्द एक विशेषज्ञ टीम राज्य भेजे, ताकि जमीनी स्तर पर सूखे की स्थिति का आकलन किया जा सके. Chief Minister ने कहा कि समय पर मिलने वाली केंद्रीय सहायता राज्य Government के राहत प्रयासों को मजबूती देगी और संकट का सामना कर रहे किसानों का मनोबल भी बढ़ाएगी.
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डीएससी