आंध्र प्रदेश सोने के उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाएगा: चंद्रबाबू नायडू

पुट्टापर्थी (आंध्र प्रदेश), 15 मई . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Friday को विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में राज्य सोने के उत्पादन में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा.

उन्होंने बताया कि कुरनूल जिले के जोन्नागिरी सोने की खदान (गोल्ड माइन) क्षेत्र से इस वर्ष 600 किलोग्राम सोने का उत्पादन होने का अनुमान है. दूसरे वर्ष में उत्पादन 1,500 किलोग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है.

विभिन्न रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले सोने का नाम सुनते ही केजीएफ (केजीएफ) याद आता था; अब इसका मतलब जेजीएफ (जेजीएफ) यानी जोन्नागिरी स्वर्ण खदान क्षेत्र है.

Chief Minister ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत वैमानिकी विकास एजेंसी (एआईआरए) द्वारा विकसित किए जा रहे उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम की आधारशिला रखी.

नायडू ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है.

उन्होंने कहा कि एएमसीए कार्यक्रम से स्टील्थ सिस्टम, उन्नत एवियोनिक्स और एकीकृत लड़ाकू विमानन में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी.

उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र भर में प्रमुख रक्षा परियोजनाओं की नींव रखी गई है और रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्रों की कंपनियों के साथ नौ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे आंध्र प्रदेश रणनीतिक विनिर्माण और नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा.

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को India की बढ़ती तकनीकी शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर India पहल की सफलता का गौरवपूर्ण उदाहरण बताया.

Chief Minister ने कहा कि पुट्टपर्थी में लगभग 650 एकड़ भूमि पर 15,803 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित की जा रही एएमसीए परियोजना से एक समर्पित टाउनशिप के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और लगभग 7,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

उनका मानना ​​है कि पुट्टपर्थी एक रणनीतिक रक्षा केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है, जो राष्ट्र के लिए गौरव का स्रोत होगा.

उन्होंने कहा कि एएमसीए परियोजना के माध्यम से आंध्र प्रदेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

उन्होंने कहा कि हमने मात्र 36 दिनों में इस परियोजना की आधारशिला रख दी और जेट गति से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर लीं. एयरोस्पेस क्षेत्र की यह महत्वपूर्ण परियोजना कई अन्य रक्षा संबंधी परियोजनाओं के आगमन का मार्ग प्रशस्त करेगी.

–आईएएएस

एमएस/

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