
New Delhi, 4 जुलाई . New Delhi, 4 जुलाई . केंद्र Government ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय की जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचनाओं में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े कई Pakistan स्थित आतंकियों के नाम शामिल किए गए हैं.
गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल सभी व्यक्तियों पर आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति, सीमा पार घुसपैठ कराने तथा India में आतंकी हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में शामिल होने के आरोप हैं.
गृह मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “Prime Minister मोदी के आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 कुख्यात आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत आतंकवादी घोषित किया है. नामित आतंकवादी India विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, जिसमें ये आतंकी हमले, आतंक फैलाना, हथियारों की तस्करी, सीमापार घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों को सहायता व फंडिंग और आतंकवादियों की भर्ती करते हैं. आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 Pakistanी नागरिक और 6 भारतीय नागरिक हैं. हालांकि, ये सभी वर्तमान में Pakistan और पीओके से आतंकवादी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं.”
अधिसूचना में मसूद इलियास कश्मीरी का नाम भी शामिल है. उस पर वर्ष 2022 में सुनजवां आर्मी कैंप पर हुए हमले की साजिश रचने का आरोप है. वहीं, मोहम्मद मुसद्दिक (जेईएम) पर सुनजवां हमले के लिए घुसपैठ कराने और पूरे आतंकी ऑपरेशन का समन्वय करने का आरोप लगाया गया है.
Government ने मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को वर्ष 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले से जुड़े घुसपैठ नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया है. इसी मामले में हाफिज अब्दुल शकूर पर हमले से पहले स्थानीय नेटवर्क के संपर्क में रहने और आतंकियों की घुसपैठ कराने का आरोप है.
इसके अलावा, अब्दुल्ला जेहादी (जिसे शाह नवाज और अल हिजामा के नाम से भी जाना जाता है) पर नगरोटा हमले में शामिल आतंकियों की मदद करने और जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकी प्रशिक्षण शिविर संचालित करने का आरोप लगाया गया है.
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े फिरदौस अहमद भट (एलईटी) को संगठन का लॉन्चिंग कमांडर बताया गया है. उस पर सीमा पार घुसपैठ कराने और आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है. वहीं, बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई (एलईटी/टीआरएफ) पर लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के लिए सीमा पार आतंकी गतिविधियों का संचालन करने और हथियारों की सप्लाई कराने के आरोप लगाए गए हैं.
गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं में कुल 23 व्यक्तियों के नाम शामिल हैं. Government का कहना है कि ये सभी लंबे समय से विभिन्न आतंकी संगठनों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और India में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
गृह मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “Prime Minister मोदी के आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 कुख्यात आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत आतंकवादी घोषित किया है. नामित आतंकवादी India विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, जिसमें ये आतंकी हमले, आतंक फैलाना, हथियारों की तस्करी, सीमापार घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों को सहायता व फंडिंग और आतंकवादियों की भर्ती करते हैं. आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 Pakistanी नागरिक और 6 भारतीय नागरिक हैं. हालांकि, ये सभी वर्तमान में Pakistan और पीओके से आतंकवादी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं.”
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वीकेयू/एएस