
जालंधर, 5 जुलाई . Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी ने Sunday को कहा कि समाज को सामूहिक रूप से नशामुक्त और शिक्षित समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए, साथ ही व्यवस्था सुधार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”तभी सेवा, सम्मान और मूल्यों पर आधारित समाज के निर्माण में सार्थक योगदान दिया जा सकता है.”
सीएम सैनी पंजाब के जालंधर शहर में पीयूष मुनि महाराज के 39वें दीक्षांत और सेवा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे.
Chief Minister ने कहा कि संत समाज को सेवा और समर्पण के जीवन के माध्यम से मार्गदर्शन देते हैं और ज्ञान के प्रकाश से दूसरों का जीवन रोशन करते हैं. उनके विचार और शिक्षाएं मानवता की सेवा के लिए समर्पित हैं. लोगों को केवल धन कमाने की बजाय चरित्र, संस्कार और मानवीय संवेदनशीलता वाला व्यक्ति बनने का प्रयास करना चाहिए.
सीएम सैनी ने कहा, ”सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं, करुणा से बड़ी कोई पूजा नहीं और मानवता से बड़ा कोई विश्वास नहीं है. सामाजिक संगठन नशा मुक्ति, बालिका शिक्षा, गरीब परिवारों की मदद और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए जागरूकता फैलाकर समाज का भविष्य बना रहे हैं. संतों ने सत्य, अहिंसा, अनुशासन, सेवा और समर्पण का मार्ग दिखाया है, और लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए.”
Chief Minister ने कहा कि Political महत्वाकांक्षाओं ने एक मजबूत पंजाब के विकास को पीछे धकेल दिया है. पंजाब पर 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है और प्रति व्यक्ति औसत कर्ज 1.25 लाख रुपए से अधिक हो गया है. उन्होंने कहा कि पंजाब की मिट्टी में गुरुओं की बुद्धि, शहीदों का बलिदान, किसानों की मेहनत और भाईचारे की खुशबू है. पंजाब और Haryana का रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं का नहीं बल्कि दिलों और भावनाओं का रिश्ता है.
सीएम सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने नशा खत्म करने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन पंजाब आज ‘नशे की लत और गैंगस्टर संस्कृति’ से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि Haryana की भाजपा Government ने युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और खेल नीतियों के माध्यम से बेहतर अवसर दिए हैं. पंजाब और Haryana पड़ोसी राज्य हैं.
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब किसान का प्रदेश होने के बावजूद वहां के किसान फसल खरीद, भुगतान और मंडी संचालन को लेकर लगातार चिंताओं और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी दर 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में 8.8 प्रतिशत रही, जबकि Haryana युवाओं को अवसर दे रहा है और पंजाब में केवल खोखले वादे देखने को मिल रहे हैं.
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एएमटी/डीएससी