चीन के विशेष दूत लियू झेनमिन से म‍िले सीबी जॉर्ज, वैश्विक जलवायु सहयोग पर की चर्चा

नई द‍िल्‍ली, 28 अप्रैल . India और चीन के बीच जलवायु मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करने के लिए India के सेक्रेटरी (वेस्ट) सीबी जॉर्ज ने चीन के विशेष दूत लियू झेनमिन से मुलाकात की, जिसमें वैश्विक जलवायु एजेंडे पर अहम चर्चा हुई.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, ”India के सेक्रेटरी (वेस्ट), राजदूत सीबी जॉर्ज ने जलवायु परिवर्तन के लिए चीन के विशेष दूत, लियू झेनमिन से मुलाकात की और वैश्विक जलवायु एजेंडे पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

पोस्‍ट में आगे कहा, ”India पूरी तरह से जुड़ा हुआ है और वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में एक रचनात्मक और सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है, जिसमें यूएनएफसीसीसी और उसके पेरिस समझौते के तहत बहुपक्षीय जलवायु प्रक्रिया भी शामिल है.”

वहीं दूसरी ओर Tuesday को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई. यह मुलाकात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई.

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने यहां क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर चर्चा की. माना जा रहा है कि इस उच्चस्तरीय बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति व क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर विचार-विमर्श किया. साथ ही भारत-चीन के बीच संवाद को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. वहीं सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और तनाव कम करने के लिए प्रभावी संचार तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया.

राजनाथ सिंह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं. इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सदस्य देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है. उन्होंने अपने दौरे के दौरान अन्य सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करने की बात कही है, जिससे आपसी सहयोग को और मजबूत किया जा सके.

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब India और चीन के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी तनावपूर्ण रहे हैं. वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस घटना के बाद द्विपक्षीय संबंधों में गंभीर गिरावट आई और आपसी विश्वास में कमी देखी गई. हालांकि बीते कुछ वर्षों में संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कई बड़ी पहल की गई हैं.

एवाई/पीएम

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