
चंडीगढ़, 4 जुलाई . Saturday शाम चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में एक दो मंजिला पुरानी इमारत गिर गई. बचाव दल ने मलबे से पांच लोगों को जिंदा बचाया और दो के फंसे होने की आशंका है. इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को Police और अग्निशमन दल के साथ तैनात किया गया.
शहर में 24 घंटे से भी कम समय में यह दूसरी इमारत गिरने की घटना है.
उप-मंडल Police अधिकारी (दक्षिण) गुरजीत कौर ने मीडिया को बताया कि बचाव अभियान जारी है और मलबे के नीचे फंसे दो लोगों को बचाने के प्रयास चल रहे हैं.
अधिकारियों ने बताया कि इमारत का इस्तेमाल एक कबाड़ व्यापारी करता था.
आपातकालीन सेवाओं की टीमें सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं और स्थानीय Police और नगर निगम के अधिकारियों के सहयोग से समन्वित बचाव अभियान शुरू किया.
मलबे के नीचे फंसे जीवित लोगों का पता लगाने में मदद के लिए खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है.
बचाए गए किसी भी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए घटनास्थल पर एम्बुलेंस तैनात हैं.
एक दिन पहले, सेक्टर 26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) के सभागार की छत गिर गई थी. सौभाग्य से, घटना के समय सभागार में कोई भी मौजूद नहीं था.
यह सभागार एक महत्वपूर्ण Governmentी सुविधा है जहां चुनावों के दौरान मतगणना की जाती है.
इंजीनियरिंग विभाग ने पहले सीसीईटी कॉलेज की संरचना का आकलन किया था और इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था, जिसके बाद इसे खाली रखा गया था.
विस्तृत संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट के बाद, विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) से संरचनात्मक स्थिरता और सुरक्षा पर आगे की सलाह मांगी.
विभाग ने असुरक्षित ढांचे को गिराना भी शुरू कर दिया था.
इलाके के निवासियों और व्यापारियों ने कई इमारतों की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त की है, जिनमें से कई दशकों पहले उचित रखरखाव या नियमित संरचनात्मक निरीक्षण के बिना बनाई गई थीं.
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एमएस/