भिवानी : पूर्व कृषि मंत्री जेपी. दलाल की किसानों के बीमा भुगतान में देरी पर सख्त कार्रवाई की मांग

भिवानी, 5 जून . पूर्व कृषि मंत्री जेपी. दलाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों और वर्तमान Political परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है कि Governmentी समिति ने किसानों के हित में निर्णय लिया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई राज्यों में एक बीमा कंपनी किसानों को क्लेम देने में देरी कर रही है या भुगतान नहीं कर रही है.

उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई और संबंधित लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज नहीं हुई तो किसानों को उनका हक मिलने में और देरी हो सकती है. इस पूरे मामले में कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके. Government ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है, जिससे उम्मीद की किरण दिखाई दी है, लेकिन वास्तविक भुगतान और समाधान में अभी समय लग सकता है.

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कहा कि कई जगहों पर मतदाता सूची में सुधार और संशोधन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल सूची को साफ-सुथरा और अद्यतन बनाना होता है. जिन लोगों के नाम गलत तरीके से जुड़े हुए हैं या जो स्थानांतरित हो चुके हैं, उनके रिकॉर्ड को सही करना गलत नहीं माना जाना चाहिए. इस प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से समय-समय पर अलग-अलग तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन लगातार भारतीय जनता पार्टी के साथ बना हुआ है. कुछ लोग तरह-तरह की भविष्यवाणियां करते हैं, लेकिन ऐसी बातों का कोई ठोस आधार नहीं होता. हाल ही में कुछ Political दलों और नए संगठनों की गतिविधियां सामने आई हैं, जो social media और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और विदेशी ताकतों या किसी भी प्रकार की साजिशों से इसे कमजोर नहीं किया जा सकता. India की जनता जागरूक है और समय-समय पर चुनावों के माध्यम से अपने निर्णय स्पष्ट रूप से देती रही है. जो भी संगठन या समूह देश की स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए.

एसएचके/एबीएम

Leave a Comment