दिल्ली सचिवालय से नई इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाई गई

New Delhi, 5 जून . दिल्ली को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में रेखा गुप्ता Government ने बड़ा कदम उठाया है. विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली सचिवालय से पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने नई ऐप-आधारित इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

Government की ओर से जारी बयान के अनुसार, पहले चरण में दिल्ली-एनसीआर में 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों की शुरुआत की गई है. साथ ही एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है. कंपनी का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर दिल्ली-एनसीआर में 10,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों का संचालन शुरू करना है.

इस अवसर पर जीएसएम के ग्लोबल सीईओ गुयेन वान थान्ह और विंग्रुप एशिया के सीईओ फाम सान्ह चाऊ भी मौजूद रहे. वियतनाम की कंपनी ग्रीन एसएम ने तमिलनाडु में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत India में बड़ा विदेशी निवेश (एफडीआई) किया है.

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि Chief Minister रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली Government प्रदूषण कम करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए लगातार हरित पहलों को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, स्वच्छ तकनीकों का उपयोग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाना स्वस्थ दिल्ली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. यह नई टैक्सी सेवा भी इसी प्रयास का अहम हिस्सा है.

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सचिवालय से इलेक्ट्रिक वाहन आधारित इस सेवा की शुरुआत राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की Government की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, दिल्ली ईवी नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है.

मंत्री मनजिंदर सिरसा ने बताया कि ये इलेक्ट्रिक वाहन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मजबूत उदाहरण हैं. India में निर्मित ये वाहन देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और विनिर्माण शक्ति को प्रदर्शित करते हैं.

सुरक्षा के लिहाज से इन टैक्सियों में अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. इनमें एआई आधारित अंदर और बाहर की कैमरा निगरानी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और ड्राइवर व यात्रियों दोनों के लिए इमरजेंसी एसओएस बटन शामिल हैं. हर वाहन में सड़क, ड्राइवर और यात्री क्षेत्र की निगरानी के लिए अलग-अलग कैमरे लगाए गए हैं.

मनजिंदर सिरसा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. कंपनी भविष्य में अपने संचालन में महिला ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है.

वीकेयू/

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