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Tuesday, 20 October 2026
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कोलंबो से बागेश्वर बाबा ने की अपील, योग को जीवन से जोड़े, यही असली सुख का मार्ग

कोलंबो से बागेश्वर बाबा ने की अपील, योग को जीवन से जोड़े, यही असली सुख का मार्ग

New Delhi, 21 जून . बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने Sunday को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलंबो से समस्त India और विश्व को योग दिवस की अनंत शुभकामनाएं दीं. इस खास मौके पर श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी, श्रीलंका Government के अधिकारी और वहां के स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे.

बागेश्वर बाबा ने योग को भगवान से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य साधन है.

उन्होंने कहा कि योग जिंदगी में जुड़ने का विषय है. योग कोई प्रैक्टिस नहीं है. कोई शारीरिक अवस्था नहीं है. योग भगवान से जुड़ने का एक सिस्टम है. जिसके जीवन में योग है, वह कभी अस्वस्थ नहीं रहेगा. योग का मतलब है जुड़ना, संस्कृतियों का जुड़ाव, मानवता का जुड़ाव और आत्माओं का भगवान से जुड़ाव. हमारे संतों ने हमेशा कहा है, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पूरा विश्व ही हमारा परिवार है. विश्व बंधुता की कामना यदि कहीं से शुरू होती है तो वह योग से ही शुरू होती है.

योग के फायदों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पहला सुख है बीमारी न होना, दूसरा सुख है घर में खुशी. अगर जीवन में खुशी चाहिए तो सबसे पहले योग करें. योग से शरीर, मन और जीवन स्वस्थ हो जाता है.

उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी द्वारा शुरू किया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विश्व एकता का प्रतीक है. उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा सहित सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पावन स्थल की शांति और आप सभी की उपस्थिति हमारे हृदय को स्पर्श करती है. हम प्रार्थना करते हैं कि आप सभी स्वस्थ रहें, आपका भला हो और India माता का झंडा विश्व भर में लहराता रहे.

कोलंबो में India के उच्चायुक्त संतोष झा ने बाबा बागेश्वर का स्वागत एवं सम्मान किया. इस अवसर पर विश्व शांति, भारत-श्रीलंका संबंधों, सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार तथा मानव कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई. यह भेंट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का प्रेरणादायक उदाहरण बनी.

धीरेंद्र शास्त्री ने सभी से योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अगर जीवन में सुख चाहिए तो योग को अपनाना ही होगा. प्रातः काल उठकर सूर्य देव के दर्शन और उनकी किरणों से स्नान करने से तन अच्छा होगा और याद रखिए, जब तन अच्छा होगा तो मन अच्छा होगा और मन अच्छा होगा तो आपका जीवन और भी श्रेष्ठ हो जाएगा.

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डीकेएम/वीसी

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