दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में सेना के ब्रिगेडियर पर हमला, उपराज्यपाल संधू ने कार्रवाई के दिए निर्देश

New Delhi, 14 अप्रैल . दिल्ली के उपGovernor तरणजीत सिंह संधू ने वसंत एन्क्लेव में भारतीय सेना में कार्यरत एक ब्रिगेडियर और उनके परिवार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है.

उपGovernor तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली Police के आयुक्त व वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

दिल्ली के एलजी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि वसंत एन्क्लेव में हुई घटना से मैं बहुत चिंतित हूं, जिसमें भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी और उनके 23 वर्षीय बेटे (जो आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट है) पर हमला किया गया.

उन्होंने कहा, मैंने खुद ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा से बात करके घटना के बारे में जानकारी ली और उनका हालचाल जाना. मैंने Police कमिश्नर व डीसीपी से भी बात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे इस मामले की पूरी और तेजी से जांच सुनिश्चित करें, ताकि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके. मैंने दिल्ली Police को यह भी निर्देश दिया है कि वे उस अधिकारी और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा प्रदान करें. हम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.

बताते चलें कि यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब ब्रिगेडियर अपने बेटे के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे.

से बात करते हुए ब्रिगेडियर ने बताया कि जैसे ही वे अपने घर के बाहर पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक कार में बैठे दो लोग खुलेआम शराब पी रहे थे. उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. मामला बढ़ता देख ब्रिगेडियर ने तुरंत Police को कॉल किया और पीसीआर वैन को बुलाया. Police के पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए.

इस दौरान हालात और बिगड़ गए. कार में बैठे लोगों ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया. थोड़ी ही देर में 7-8 लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने ब्रिगेडियर के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी. जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई.

ब्रिगेडियर के अनुसार, वे वसंत विहार Police थाने पहुंचे लेकिन वहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली. Police ने उनसे मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) लाने को कहा, लेकिन कोई भी Policeकर्मी उनके साथ अस्पताल नहीं गया. मजबूर होकर उन्हें खुद ही आरआर अस्पताल जाना पड़ा, जहां उन्होंने अपना एमएलसी बनवाया. हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी Police ने तुरंत First Information Report दर्ज नहीं की और सिर्फ एक जनरल डायरी में एंट्री कर ली.

डीकेएम/पीएम

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