
New Delhi, 14 अप्रैल . ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने हाल ही में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के एक मैच के दौरान कथित नस्लवादी व्यवहार की कड़ी निंदा की है और भेदभाव के खिलाफ अपने सख्त रुख को दोहराया है. एआईएफएफ ने मामले को जांच के लिए अनुशासन समिति के पास भेजने की पुष्टि की है.
यह विवाद Sunday को श्री कांतीरावा स्टेडियम में केरला ब्लास्टर्स एफसी और Bengaluru एफसी के बीच आईएसएल मैच के बाद सामने आया, जहां एक वायरल वीडियो में एक फैन केरला ब्लास्टर्स के डिफेंडर फालू नदिये पर नस्लवादी टिप्पणी करते हुए दिखाई दिया. यह क्लिप तेजी से social media पर वायरल हो गई. इससे भारतीय फुटबॉल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और फैंस के व्यवहार को लेकर बड़े पैमाने पर आलोचना और चिंता पैदा हो गई.
Tuesday को जारी एक आधिकारिक बयान में एआईएफएफ ने कहा कि आईएसएल 2025-26 सीजन के दौरान खिलाड़ियों के साथ कथित नस्लवादी व्यवहार के बारे में शिकायतें मिली हैं. फेडरेशन खिलाड़ियों और उन सभी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है जो बिना किसी भेदभाव का सामना किए फुटबॉल में भाग लेने के हकदार हैं.
बयान में कहा गया, एआईएफएफ नस्लवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति रखता है. शिकायतों को एआईएफएफ अनुशासन कोड के अनुसार जांच के लिए अनुशासन समिति, जो एक स्वतंत्र न्यायिक संस्था है, को भेज दिया गया है. कार्यवाही चलने तक एआईएफएफ कोई और टिप्पणी नहीं करेगा.
एआईएफएफ ने कहा, “इंडियन फुटबॉल परिवार नस्लवाद के खिलाफ पूरी तरह से खड़ा है. जो लोग हमारे स्टेडियम में नफरत लाते हैं, उनके लिए हमारे खेल में कोई जगह नहीं है.”
केरला ब्लास्टर्स ने इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया और इसे घिनौना बताया. टीम ने बताया कि घटना की जानकारी आईएसएल और एआईएफएफ के अधिकारियों को आधिकारिक रूप से दे दी गई है. क्लब ने अपने खिलाड़ियों की ईमानदारी और सम्मान की रक्षा करने का अपना वादा भी दोहराया.
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पीएके