
गुवाहाटी, 23 जून . असम ने Tuesday को ‘ई-जीरो First Information Report ’ पहल शुरू की. इस पहल के बाद असम देश के उन पहले राज्यों में से एक बन गया है जिसने साइबर फ्रॉड के क्रम में एक ऑटोमेटिक सिस्टम लागू किया है. यह सिस्टम राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और 1930 साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज साइबर वित्तीय अपराध शिकायतों को First Information Report में परिवर्तित करती है.
इस पहल की घोषणा करते हुए Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी में Police की त्वरित कार्रवाई, मामलों का सुगम पंजीकरण और खोए हुए धन की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करना है.
Chief Minister ने आगे कहा कि यह कदम Prime Minister Narendra Modi के ‘साइबर सुरक्षित भारत’ के निर्माण और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति देश की प्रतिक्रिया को मजबूत करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है.
सीएम सरमा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि असम ने आधिकारिक तौर पर ई-जीरो First Information Report पहल शुरू कर दी है, जिसके तहत एनआरसी या 1930 में दर्ज साइबर वित्तीय अपराध स्वतः First Information Report में परिवर्तित हो जाएंगे.
Chief Minister के अनुसार, इस नई व्यवस्था से साइबर अपराध मामलों का पंजीकरण क्षेत्राधिकार-मुक्त और परेशानी-मुक्त हो सकेगा, जिससे प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं और क्षेत्रीय सीमाओं के कारण होने वाली देरी समाप्त हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि यह प्रणाली Police कार्रवाई में तेजी लाने और धोखाधड़ी से प्राप्त धन को कई खातों के माध्यम से निकाले जाने से पहले ही बरामद करने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई है.
Chief Minister सरमा ने यह भी बताया कि 10 लाख रुपए से अधिक की राशि वाले साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले स्वतः ही जीरो First Information Report में परिवर्तित हो जाएंगे, जिससे शिकायत के प्रारंभिक पंजीकरण के स्थान की परवाह किए बिना त्वरित जांच और कार्रवाई संभव हो सकेगी.
जीरो First Information Report प्रणाली Police को क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना मामला दर्ज करने की अनुमति देती है, जिसके बाद इसे जांच के लिए उपयुक्त Police स्टेशन में स्थानांतरित किया जा सकता है.
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एमएस/