
New Delhi, 11 फरवरी . दिल्ली में कानून-व्यवस्था और कथित प्रशासनिक लापरवाही को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने ‘चार इंजन’ Government पर निशाना साधा. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राजधानी में बढ़ती हत्या की घटनाओं और नालों-गड्ढों में गिरकर हो रही मौतों को लेकर Government को कठघरे में खड़ा किया है.
अरविंद केजरीवाल ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने एक साल के भीतर ही ‘पूरी दिल्ली का सत्यानाश’ कर दिया है. उन्होंने कहा कि Government को जनता की जान की कोई परवाह नहीं है और सवाल किया कि आखिर कितनी जानें जाने के बाद Government नींद से जागेगी. केजरीवाल ने राजधानी में हालिया आपराधिक घटनाओं और हादसों को प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया.
वहीं, सौरभ भारद्वाज ने उपGovernor और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिनमें गिरकर लोगों की मौत हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उपGovernor तत्कालीन ‘आप’ Government की कमियां निकालने में सक्रिय रहते थे, लेकिन अब जब दिल्ली की सभी प्रमुख एजेंसियां—एमसीडी, डीडीए, दिल्ली Government और केंद्र—भाजपा के अधीन हैं, तो जवाबदेही से बचा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में 24 घंटे के भीतर छह हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें स्कूली बच्चों की भी जान गई है. नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों की हत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी में लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इन गंभीर घटनाओं पर न तो उपGovernor, न केंद्रीय गृह मंत्री और न ही Chief Minister की ओर से ठोस प्रतिक्रिया सामने आई है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में ‘दो दिल्ली’ दिखाई दे रही हैं—एक जहां आम लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, और दूसरी जहां Government कार्यक्रमों और उद्घाटनों में व्यस्त है. उन्होंने Chief Minister पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब राजधानी में लगातार जानें जा रही हों, तब Government का इस तरह मौन रहना संवेदनहीनता को दर्शाता है. हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ती आपराधिक घटनाओं और हादसों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.
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पीकेटी/डीकेपी