
Mumbai , 15 फरवरी . महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और भक्तों के बीच अटूट विश्वास और गहरी आस्था का प्रतीक माना जाता है. इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया जाता है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव स्वयं भक्तों की पुकार सुनते हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हैं. इसी विश्वास के साथ Mumbai के प्रसिद्ध बाबुलनाथ मंदिर में भी महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
मंदिर के एक पुजारी ने से बात करते हुए कहा, ”महाशिवरात्रि को लेकर पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई थी. सभी श्रद्धालुओं को अनुशासित ढंग से कतार में लगाया गया, ताकि हर भक्त को बारी-बारी से भगवान शिव के दर्शन मिल सकें. खास तौर से बुजुर्गों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग कतार की व्यवस्था की गई थी, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो. लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए शेड लगाए गए और पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई.”
पुजारी ने आगे Mumbai Police का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ”सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में Police का पूरा सहयोग मिला है.”
पुजारी ने आगे कहा, ”महाशिवरात्रि की रात को होने वाली चार प्रहर पूजा का विशेष महत्व है. रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक यह पूजा संपन्न होगी. इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दौरान मंत्रोच्चार और विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना की जाती है.”
मंदिर के दूसरे पुजारी ने को बताया, ”बाबुलनाथ मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और भगवान शिव से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. Government की ओर से भी मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. मान्यता है कि जो भक्त महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के दर्शन करता है, उसकी सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है. इसी विश्वास के कारण लोग दूर-दूर से इस दिन बाबुलनाथ मंदिर पहुंचते हैं.”
इनके अलावा, एक बुजुर्ग भक्त ने कहा, ”मैं हर Monday को बाबुलनाथ मंदिर आता हूं. मैं यहां की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हूं. मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर बेहतरीन इंतजाम किए हैं. मेरी उम्र 66 साल है, लेकिन मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और यह सब भगवान शिव की कृपा है. महाकाल के आशीर्वाद से मेरा परिवार भी खुशहाल है.”
एक अन्य भक्त ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा, ”बाबुलनाथ मंदिर को लेकर मेरे मन में गहरी श्रद्धा है. मेरे जीवन में एक समय ऐसा आया था, जब मैं कई कष्टों से घिरा हुआ था. तब मेरे एक दोस्त ने मुझे यहां आने की सलाह दी और मैं इस मंदिर में दर्शन के लिए आया और भगवान शिव से मनोकामना मांगी. इसके बाद धीरे-धीरे मेरे जीवन के सारे कष्ट दूर होते चले गए. तभी से इस मंदिर के प्रति मेरे मन में आस्था और भी मजबूत हो गई.”
एक और श्रद्धालु ने कहा, ”मैं साल 2010 से लगातार बाबुलनाथ मंदिर आ रहा हूं. यहां आकर मन को सुकून और एक नई ऊर्जा मिलती है. यहां भगवान भोलेनाथ हर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं, बस श्रद्धा सच्ची होनी चाहिए.”
वहीं, एक महिला भक्त ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे दर्शन के लिए मंदिर पहुंच गई थीं. उन्होंने कहा, ”मंदिर आकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ. भगवान शिव के प्रति मेरी श्रद्धा बेहद गहरी है.”
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पीके/एएस