
New Delhi, 11 जुलाई . व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र Government देश में संचालित सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम (कॉमन स्टैंडर्ड) लागू करने पर विचार कर रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ऐसा साझा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर काम कर रहा है, जो किसी एक प्लेटफॉर्म के बजाय सभी मैसेजिंग सेवाओं पर समान रूप से लागू हो.
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब Government ने हाल ही में व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर आपत्ति जताई. इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से बातचीत कर सकेंगे.
Government का कहना है कि यह सुविधा साइबर अपराधियों के लिए लोगों की पहचान का गलत इस्तेमाल करने, डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) जैसी घटनाओं को बढ़ावा दे सकती है. इसके अलावा, इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए जांच करना भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
इन्हीं चिंताओं को देखते हुए Government अब सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि पूरे सेक्टर में एक जैसा नियामकीय ढांचा तैयार किया जा सके.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम फैसला लेने से पहले केंद्र Government प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ विस्तृत चर्चा और परामर्श करेगी.
इससे पहले जुलाई में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने भी अपने यूजरनेम फीचर को लेकर Government के नोटिस का जवाब सौंप दिया था. इससे पहले व्हाट्सएप भी अपना जवाब Government को दे चुका है.
यूजरनेम फीचर के जरिए यूजर बिना मोबाइल नंबर साझा किए बातचीत कर सकते हैं. हालांकि, Government को आशंका है कि इस सुविधा का दुरुपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी पहचान बनाकर ठगी और तथाकथित डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में किया जा सकता है.
Government ने पिछले सप्ताह व्हाट्सएप को नोटिस जारी कर इस फीचर पर गंभीर चिंता जताई थी. साथ ही कंपनी को निर्देश दिया गया था कि जब तक Government के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और वह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक India में इस फीचर को लॉन्च न किया जाए.
व्हाट्सएप का प्रस्तावित यूजरनेम फीचर यूजर्स को मोबाइल नंबर साझा किए बिना बातचीत करने की अतिरिक्त गोपनीयता (प्राइवेसी) प्रदान करता है, लेकिन Government अब इसके सुरक्षा पहलुओं का व्यापक स्तर पर मूल्यांकन कर रही है.
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डीबीपी